त्रिकाल दर्शी प्रकांड विद्वान दशानन की प्रतिमा अयोध्या में लगवाए सरकार

मथुरा। भगवान श्री राम के आचार्य त्रिकालदर्शी लंका पर विजय प्राप्त करने का आशीर्वाद देने वाले महायोद्दा दशानन की भव्य प्रतिमा अयोध्या के मंदिर प्रांगण में लगाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवान श्री राम के भव्य स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के दिन घोषणा करनी चाहिए।
लंकेश भक्त मंडल के संयोजक ओमवीर सारस्वत एडवोकेट ने कहा है कि अयोध्या के मंदिर प्रांगण में जिस तरह से भगवान श्री राम की लीलाओं के स्थलों की अनेक प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए सरकार और श्री राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट की कार्य योजना है उसमे प्रकांड विद्वान त्रिकाल दर्शी रावण की प्रतिमा भी स्थापित करनी चाहिए।रावण जैसे प्रकांड विद्वान से भगवान श्री राम ने लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए भगवान शिव की स्थापना कराई । भगवान श्री राम ने रावण को अपना आचार्य बनाया था। उस वक्त लंकेश माता जानकी को अशोक वाटिका से अपने साथ भगवान श्री राम के द्धारा अयोजित शिव स्थापना कार्यक्रम को पूर्ण कराने के लिए आए थे। उसी स्थान को आज रामेश्वरम नाम से जाना जाता है।
रावण की प्रकांड विद्वता के चित्रण शिव ताण्डव स्तोत्र की रचना की लीलाओं के चित्रण,और रावण की सोने की लंका के स्वरूप के चित्रण मंदिर में वने। त्रिकाल दर्शी रावण द्वारा रामेश्वरम की स्थापना के समय जिस तरह माता जानकी को साथ लाकर पूजा कराई वह चित्रण भी मंदिर में बनवाने चाहिए। अशोक वाटिका में जिस प्रकार माता जानकी को लंकेश ने सुरक्षित स्थान पर महिला सैनिकों की सुरख्या में रखा था ।वह चित्रण भी मंदिर प्रांगण में बनाने चाहिए।
रावण से मृत्य पूर्व जिस प्रकार भगवान श्री राम ने छोटे भाई लक्ष्मण को राजनीत की शिक्षा ग्रहण कराई वह चित्रण भी मंदिर प्रांगण में लगाने चाहिए।
लंकेश महान योद्धा थे और अपार वैभवशाली थे रावण को अच्छे योद्धा के रूप में स्थापित करने से भगवान श्री राम का गौरव भडेगा।
लंकेश भक्त मंडल के संयोजक ओमवीर सारस्वत ने कहा है कि रावण सनातन धर्म के प्रणेता थे उन्होने भगवान शिव की घोर तपस्या से भगवान शिव को प्रसन्न किया था। सनातन धर्म को मानने वाले रावण के वंशज भी अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर बनाने का स्वागत करते हैं।लंकेश भक्त मंडल अयोध्या में भगवान श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर देश भर में कार्यक्रम आयोजित करेगा। भगवान श्री राम के द्वारा अपार वैभवशाली त्रिलोक विजेता लंकेश को युद्ध में परास्त कर अपने धाम भेजा था। अयोध्या में आने वाले भक्तों को रावण जैसे पराक्रमी मायावी को परास्त करने की लीलाओं के चित्रण से भगवान श्री राम का और भी गौरव भडेगा।