बापू के बलिदान दिवस पर रिफाइनरी मजदूरों का निराहार श्रम सत्याग्रह, प्रबंधन की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना सभा

मधुवनदत्त चतुर्वेदी, वरिष्ठ अधिवक्ता

मथुरा, 30 जनवरी।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान दिवस के अवसर पर पेट्रोलियम वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर मथुरा रिफाइनरी में कार्यरत सैकड़ों संविदा श्रमिकों ने निराहार श्रम सत्याग्रह कर गांधीवादी विचारधारा के अनुरूप शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। अपनी न्यायोचित मांगों की लगातार उपेक्षा, उत्पीड़न और पारिश्रमिक चोरी से आहत करीब 500 संविदा मजदूरों ने पूरे कार्यदिवस उपवास रखते हुए श्रम किया।

सायं 5 बजे के बाद श्रमिकों ने मथुरा रिफाइनरी के मुख्यद्वार पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक सभा का आयोजन किया, जिसमें रिफाइनरी प्रबंधन को सद्बुद्धि प्रदान करने की सामूहिक प्रार्थना की गई। सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ श्रमिक नेता कामरेड शिवदत्त चतुर्वेदी ने की, जबकि संचालन यूनियन के यूनिट अध्यक्ष मधुवन दत्त चतुर्वेदी एडवोकेट ने किया।

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अध्यक्षीय संबोधन में कामरेड शिवदत्त चतुर्वेदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से दुनिया भर के शोषित और वंचित वर्गों को न्याय के लिए संघर्ष का मार्ग दिखाया। उन्होंने प्रार्थना करते हुए कहा कि मथुरा रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक श्री मुकुल अग्रवाल बापू के सिद्धांतों को आत्मसात करें और रिफाइनरी परिवार के सबसे कमजोर वर्ग—संविदा श्रमिकों—के कल्याण पर संवेदनशीलता के साथ विचार करें।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए मधुवन दत्त चतुर्वेदी एडवोकेट ने कहा कि श्रम समस्याओं की अनदेखी और पारिश्रमिक चोरी को संरक्षण देने से काले धन को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे रिफाइनरी की छवि को आघात पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कार्यकारी निदेशक को चाहिए कि वे इस आधुनिक मंदिर की पवित्रता और गरिमा बनाए रखने के लिए यूनियन से संवाद स्थापित करें।

सभा के अंत में यूनियन के सचिव जनक सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इसके पश्चात रामधुन का पाठ किया गया और दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।