आस्था से पर्यावरण तक—ब्रज को प्लास्टिक-मुक्त बनाने का संकल्प, समाज को नई दिशा

रामकुमार रौतेला, वरिष्ठ पत्रकार मथुरा।

ब्रज क्षेत्र को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने हैदराबाद की प्रतिष्ठित संस्था अवेसा सस्टेनेबिलिटी फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। यह पहल न केवल प्लास्टिक प्रदूषण पर अंकुश लगाएगी, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की नई चेतना भी विकसित करेगी।

शुक्रवार को ब्रज तीर्थ विकास परिषद कार्यालय में हुए एमओयू के तहत अवेसा सस्टेनेबिलिटी फाउंडेशन ब्रज क्षेत्र में प्लास्टिक अपशिष्ट के उत्पादन, उसके उपयोग और निस्तारण की वैज्ञानिक पड़ताल करेगी। इसके साथ-साथ स्थानीय दुकानदारों, निवासियों और पर्यटकों के व्यवहार का अध्ययन कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि प्लास्टिक का प्रयोग किन कारणों से और किस स्तर पर हो रहा है।

 

 

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संस्था द्वारा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाते हुए प्लास्टिक के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। सर्वेक्षण के माध्यम से कचरा जमाव स्थलों, संग्रहण और प्रसंस्करण प्रणालियों का आधारभूत आकलन किया जाएगा, ताकि ब्रज को प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए एक ठोस और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जा सके। इस योजना के तहत प्लास्टिक कचरे को रीसाइकिल कर टी-शर्ट, जैकेट जैसे उपयोगी उत्पादों में बदलने की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

एमओयू पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल, मथुरा-वृंदावन नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह और अवेसा सस्टेनेबिलिटी फाउंडेशन के संस्थापक अक्षय देशपांडे ने हस्ताक्षर किए।

एमओयू से पहले संस्था द्वारा मथुरा और वृंदावन में दो दिवसीय जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें छात्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। बीएसए डिग्री कॉलेज और हजारीमल सोमाणी इंटर कॉलेज के आसपास करीब 1200 छात्र-छात्राओं ने 350 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक कचरा एकत्र किया, जिसमें पॉलिथीन, पानी की बोतलें, रैपर और गुटखा पाउच शामिल थे।

इस अवसर पर सीईओ सूरज पटेल ने कहा कि ब्रज केवल तीर्थ नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विरासत है। इसे प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह एमओयू ब्रज को स्वच्छ और सतत विकास की राह पर आगे बढ़ाने का मजबूत आधार बनेगा, जिसमें जनभागीदारी के जरिए स्थायी समाधान सुनिश्चित किए जाएंगे।