
-यूजर्स को फंसाने को लगा रहे नाबालिगों के फोटो
-छाता पुलिस ने तीन शातिरों को दबोच कर खोला राज
मथुराः कुख्यातों का दिमाग आजकल ब्लूड लाइव एंड डेटिंग एप पर अब तेजी से दौड़ने लगा है। यूजर्स के पसंदीदा ऐप पर कुख्यात नाबालिगों की फोटों लगाकर उनको आकर्षित करते है। जाल में फंसने पर यूजर्स से मनमानी धनराशि वसूलते हैं। कोतवाली छाता पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह की करतूतों को उजागार किया है। जो ब्लूड लाइव एंड डेटिंग एप के जरिए ही यूजर्स से मारपीट कर लूटपाट करने और ब्लैकमेल कर मोटी धनराशि वसूने में संलिप्त था।
कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में चार दशक पहले लगने वाले पैंठ बाजार में उर्दू-फारसी भाषा में लिखी इबारत वाली पीतल की ईंट पर सोने की परत चढ़ाकर लोगों से ठगी करने वाला गिरोह बढ़ती तकनीक के साथ-साथ खुद को भी अपडेट करते चले गए। ओएलक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सएप जैसे मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए लोगों से ठगी और मारपीट कर लूटपाट करने वाले कुख्यातों का दिमाग इन दिनों ब्लूड लाइव एंड डेटिंग एप पर भी चलने लगा है। छाता कोतवाली प्रभारी त्रिलोकी सिंह ने बताया, नौ जनवरी की रात को ब्लूड लाइव एंड डेटिंग एप के माध्यम से शुगर मिल के करीब तीन युवक मिलकर यूजर्स को ठगने की साजिश रच रहे थे। घेराबंदी कर पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र के गांव नरी निवासी दिनेश व शेर सिंह पुत्रगण हरिराम उर्फ लल्लू, थाना बरसाना के गांव कमई निवासी रवि पुत्र नथोल को गिरफ्तार कर लिया गया। इंस्पेक्टर त्रिलोकी सिंह ने बताया, रवि पहले भी साइबर अपराध करने के मामले में जेल जा चुका था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद रवि ने फिर अपराध करना आरंभ कर दिया। वह अपने साथियों के साथ मिलकर ब्लूड लाइव एंड डेटिंग एप पर वीडियो कॉल के माध्यम से यूजर्स से ठगी करने की साजिश रच रहा था। कोतवाल छाता ने बताया, ब्लूड लाइव एंड डेटिंग एप पर यूजर्स का वह झांसा देकर अपने पास मिलने को बुलाते थे। इसके बाद वह ब्लेकमेल कर मनमानी धनराशि वसूल करते थे। यूजर्स को फंसाने के लिए वह नाबालिगों की फोटो एप पर लगाते थे। आरोपियों से तीन मोबाइल फोन भी बरामद हुए है। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआई
सुधीर सिंह, दुष्यंत कौशिक, हेडकांस्टेबल अरविंद कुमार, कांस्टेबल धर्मेन्द्र कुमार और निषभ कुमार शामिल रहे।








