आदित्य मंंगल न्यूज, मथुरा :
साइबर क्राइम के किंगडम में पुलिस ने अपने पांव जमा लिए है। हरियाणा के जिले पलवल,

नूंह(मेवात) और राजस्थान के जिले भरतपुर और उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के दो सौ के करीब गांवों को मिलाकर अपराधियों का पूरा एक राज्य बस गया है। इसी राज्य में अंदर ही अं
दर बढ़ते शातिरों की ठगी के तौर तरीकों को मथुरा पुलिस ने आम आदमी के सामने लाने का सराहनीय कार्य किया है। चोरी के मालवाहक वाहन से लेकर मोटरसाइकिल तक को खपाने के गढ़ का भी पुलिस ने पता लगा लिया है। इनके सौदागर रडार पर आ गए है। पुलिस के कई दस्ते उनकी तलाश में निकल चुके

है।
11 जनवरी को रिजर्व पुलिस लाइन में एसएसपी शैलेश पांडेय इस बात के संकेत उस समय दिए। जब वह थाना कोसीकलां के प्रभारी निरीक्षक अनुज राणा ने एसपी ग्रामीण त्रिगुण बिसेन और सीओ छाता गौरव त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में अंतरराज्यीय चार वाहन चोरों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाने का कार्य किया था। इस कार्य के लिए पुलिस टीम को एसएसपी शैलेश पांडेय ने दस हजार रुपये का नकद इनाम दिया। जो जेल जिनका नाम आज सुधार गृह हो गया, वह गिरोह इसी जेल के अंदर तैयार हुआ। इस गिरोह की गिरफ्तारी ने एक बात को मजबूती के साथ साबित किया कि जेल की ऊंची प्राचीर के पीछे अपराध का विद्यालय बखूबी संचालित हो रहा है। जेल की चहारदीवारी के बाहर कदम रखते ही अपराधी अपने आप को सुधार नहीं रहे हैं, बल्कि एक गिरोह बना कर वारदात करने लगते है। इन्होंने अपने अपराध का ठिकाना मथुरा और उसके आसपास जिलों में बना लिया और चुराए गए माल की खपत का बाजार मेवाती इलाका मिल गया था। इस गिरोह के बताए रास्ते की यात्रा कर पुलिस सौदागरों की खोज खबर में लग गई। दूसरे राज्यों के मथुरा में थाना कोसीकलां, बरसाना, गोवर्धन और शेरगढ़ के करीब एक दर्जन गांव हैं। इन गांवों में बैठकर साइबर क्राइम की नई पौध पनपी। इसका भी पर्दाफाश निरीक्षक अनुज राणा और सब इंस्पेक्टर सोनू कुमार ने किया। थाना शेरगढ़ प्रभारी सोनू कुमार ने एक ऐसे गैंग को जेल भेजा, जो साइबर क्राइम के सबसे बड़े हथियार फर्जी सिम कार्ड से लेकर अपराध करने की बाकायदा ट्रेनिंग देते थे। जो भी इसकी ट्रेनिंग लेकर जाता। वह अपने द्वारा किए गए शिकार (लोगों स ठगी गई रकम) हिस्सा अपने उस्ताद को देताे थे।
-जिस इलाके में साइबर अपराधियों का गढ़ है, वह अति संवेदनशील है। सब अपराधी एक दूसरे से कहीं न कहीं किसी न किसी तरह जुड़ा है। मथुरा के कुछ गांव इनमें शामिल है।-अनुज कुमार राणा, थाना प्रभारी कोसीकलां
-जिस गैंग को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, वह हरियाणा के एक गांव में साइबर अपराध करने करीब तीन-चार महीना क्लास लेकर आए थे। थाना क्षेत्र के युवाओं को भी साइबर क्राइम की ट्रेनिंग भी देते थे।-सोनू कुमार, थाना प्रभारी शेरगढ़
-जो गिराेह अब तक जेल भेजे गए है। उनमें गांव विशंभरा गांव के शातिर ने जेल से छूटने के दूसरे ही दिन अपने साथियों को एकत्र किया। लूट की योजना बनाई और हाईवे पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से भरा एक मालवाहक वाहन लूट लिया और हरियाणा के मेवात इलाके में जाकर शरण ली थी। एक बड़ा जोखिम उठाते हुए शातिर सलमान को उसके बिल से बाहर निकल कर दबोचा गया था।-गौरव त्रिपाठी-सीओ
-अपरधी देश के किसी भी कोने जा कर छिप जाए। पुलिस उसको उसी के बिल से खींच कर जेल भेजने सक्षम है। माफिया, गुंडा, लुटेरे, सब को जेल भेजा जा रहा है। संगठित होकर किए गए अपराध से इकट्ठा की संपत्ति के कुर्क-जब्ती की कार्यवाही तेजी के साथ की जा रहा है।-शैलेश पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा








