चुराई मोटरसाइकिल बेचने जा रहे चार अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार 14 मोटरसाइकिल बरामद, तीन राज्यों में कर रहे थे वारदात


आगरा कैनाल के सहार रजबहा के मध्य खरौटगांव मार्ग से रात चुराई गई मोटरसाइकिलों को बेचने को हरियाणा के मेवात में ले जाने को इकट्ठे हुए चार अंतरराज्यीय वाहन चोरों कोसीकलां पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मोटरसाइकिलों को लादने को चोर वाहन आने का इंतजार कर रहे थे। आरोपितों से चोरी की 14 मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया, वाहन चोरों को गिरफ्तार करने को एक महीने पहले आरंभ किए अभियान में थाना कोसीकलां पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ये पांचवा गिरोह पुलिस के हाथ लगा है। 50 मोटरसाइकिल बरामद हो चुकी हैं। रात को अंतरराज्यीय वाहन चोरों ने विभिन्न स्थानों से चुराई मोटरसाइकिल को आगरा नहर के सहार रजबहा के बीच खरौट गांव मार्ग के पास छिपा रखा था। आगरा के थाना अछनेरा गांव नागर निवासी कृष्णपाल, अलीगढ़ के थाना इगलास निवासी ओमवीर उर्फ सचिन, कोसीकलां थाना क्षेत्र के गांव हुलवाना निवासी श्याम सुंदर शर्मा और हरियाणा के होडल थाना क्षेत्र के गांव करमन निवासी अंकुर मोटरसाइकिलों को किसी अन्य वाहन में लादकर हरियाणा के मेवात क्षेत्र में बेचने को इकट्ठा हुए। वाहन के आने से पहले पुलिस ने चोरों को घेराबंदी करके उनको गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया, गिरफ्तार किए गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। इसमें वह लोग भी शामिल हैं, वाहन चारों से आठ से दस हजार रुपये की मोटरसाइकिल खरीदने का कार्य करते थे। प्राप्त जानकारियों की पुष्टि करने को पुलिस टीम को लगाया गया। वारदात में संलिप्त पाए जाने पर उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। वाहन चोरों से चोरी की 14 मोटरसाइकिल, मास्टर चाबी, दो तमंचा, चार कारतूस और दो चाकू बरामद किए हैं। एसपी ग्रामीण त्रिगुण बिसेन और सीओ छाता गौरव त्रिपाठी भी मौजूद रहे। बरामद करने वाली टीम में थाना कोसीकलां प्रभारी अनुज कुमार, पुलिस चौकी प्रभारी कोटवन मनमोहन शर्मा, गोपाल बाग पुलिस चौकी प्रभारी प्रवीन तेवतिया, बठैन गेट पुलिस चौकी प्रभारी अरुण तेवतिया, हेड कांस्टेबल सुमित कुमार, कांस्टेबल योगेश कुमार, अनुज कुमार सुनील अमित कुमार शामिल रहे।

-जेल से छूटते ही बनाई योजना : पुलिस के अनुसार, आरोपितों जेल में थे। वहीं इनकी मुलाकात हुई। जेल से रिहा होने के बाद आरोपितों ने मोटरसाइकिल चोरी की वारदात करना शुरू कर दिया। हरियाणा, राजस्थान और प्रदेश की सीमा से लगने वाले क्षेत्र में अलग-अलग फैल जाते थे और मोटरसाइकिल चुराकर एक स्थान पर छिपा कर रख देते थे। बाद में इनको राजस्थान और हरियाणा में ले जाकर बेच देते थे। अब तक करीब 150 मोटरसाइकिल चुराकर बेच चुके हैं।