
एक साल में मुकदमा पूरा करे ट्रायल कोर्ट: सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नाथूराम शर्मा एवं अन्य बनाम पंकज यादव एवं अन्य मामले में ट्रायल कोर्ट को मुकदमे की सुनवाई तेज कर एक वर्ष के भीतर इसे पूरा करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने 25 सितंबर को यह आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित सोसायटी के ऑडिट के लिए एम/एस रूपेश गोयल एंड कंपनी को नया ऑडिटर नियुक्त किया है। यह फर्म मनोज जीवन एंड एसोसिएट्स का स्थान लेगी और वर्तमान वित्तीय वर्ष से संबंधित रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच कर रिपोर्ट देगी।
अदालत ने कहा कि मुकदमे के दौरान अतीत में गंभीर अनियमितता या धोखाधड़ी से संबंधित सामग्री सामने आती है तो ट्रायल कोर्ट जरूरत के अनुसार पुराने वर्षों का भी ऑडिट करा सकता है। पक्षकारों को संबंधित सामग्री और आपत्तियां रखने की स्वतंत्रता दी गई है।
बाबा का आशीर्वाद आपके साथ, बनेगा मूल गर्भ गृह स्थल पर भगवान श्री कृष्ण का भव्य मंदिर
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नए ऑडिटर की नियुक्ति किसी पक्ष या पुराने ऑडिटर के पक्ष-विपक्ष में टिप्पणी नहीं है। साथ ही संबंधित पक्षों को ट्रायल कोर्ट में आवश्यक याचिकाएं दाखिल करने की स्वतंत्रता दी गई है। आदेश के साथ विशेष अनुमति याचिकाओं का निस्तारण कर दिया गया
।नवंबर में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को लेकर बड़ा आंदोलन, मथुरा में जुटेंगे हजारों कोल-भील
यह संस्करण आदेश की असल कानूनी दिशा—नया ऑडिटर और एक साल में ट्रायल पूरा करने का निर्देश—पर ही केंद्रित है।








