16 नवंबर को 10 हजार कोल-भील समाज के साथ दोबारा मथुरा पहुंचने की घोषणा
यमुना एक्सप्रेस वे पर यात्रा को पुलिस प्रशासन ने रोक, उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद आगे बढ़ने दिया

चित्रकूट से निकली संकल्प यात्रा का महेंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में स्वागत, गूंजा ‘आ गए हैं अवध बिहारी, अब आएंगे कृष्ण मुरारी’ का नारा

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का संकल्प लेकर चित्रकूट से निकली यात्रा सोमवार को मथुरा पहुंची। केडीएस इंटरनेशनल स्कूल, सलेमपुर रोड पर

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में यात्रा का फूल बरसाकर स्वागत किया गया। यहां आयोजित सभा में 16 नवंबर को 10 हजार कोल-भीलों के साथ दोबारा मथुरा पहुंचकर बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की गई।
भगवान बिरसा मुंडा सेवा संस्थान और सीता रसोई चित्रकूट के अध्यक्ष स्वामी हरिनारायण दास महाराज के नेतृत्व में निकली यात्रा के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान ‘आ गए हैं अवध बिहारी, अब आएंगे कृष्ण मुरारी’ के नारे गूंजते रहे।

सभा को संबोधित करते हुए हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने यात्रियों से संवाद किया। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या यह स्थल हिंदू समाज को वापस मिलना चाहिए। इस पर मौजूद तीन सौ से अधिक यात्रियों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति जताई।
महेंद्र प्रताप सिंह ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से जुड़े इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिर को कई बार तोड़े जाने का इतिहास सामने आता है। उन्होंने कहा कि मूल गर्भगृह स्थल को लेकर न्यायालय में कानूनी लड़ाई चल रही है। उनके अनुसार विभिन्न देशों से एकत्र किए गए ऐतिहासिक साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का विषय अब देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच चुका है। उन्होंने दावा किया कि कई देशों में भी इस विषय को लेकर जागरूकता अभियान चल रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के प्रयास को आगे बढ़ाया जाएगा।
स्वामी हरिनारायण दास महाराज ने घोषणा की कि 16 नवंबर को 10 हजार कोल-भीलों के साथ एक और यात्रा मथुरा लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसमें हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट का सहयोग लिया जाएगा। घोषणा होते ही सभास्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान यात्रा 19 सितंबर को चित्रकूट से रवाना हुई थी और 23 सितंबर को अपने गंतव्य पर पहुंचेगी। यात्रा विभिन्न शहरों से होकर मथुरा पहुंची है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं।
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के समर्थन में नारे लगाए। वक्ताओं ने लोगों को चित्रकूट आने का निमंत्रण भी दिया।
यात्रा के मथुरा जिले की सीमा में प्रवेश करते ही पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। एसडीएम सदर, सीओ रिफाइनरी और थाना हाईवे प्रभारी पुलिस बल के साथ कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। लोकल इंटेलिजेंस से भी कार्यक्रम और यात्रा से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली जाती रही।
इससे पहले यात्रा को यमुना एक्सप्रेस वे पर जिले की सीमा में प्रवेश करते ही पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। इसको लेकर के साधु संतों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी बहस हुई और अंत में यात्रा को आगे जाने दिया गया। डीएम और एसएसपी ने यात्रा को लेकर शासन को भी जानकारी दी।









