वृंदावन ग्रीन्स प्रकरण में बिल्डर पर एफआईआर, विकास कार्य अधूरे छोड़ने और नियमों के उल्लंघन का आरोप

मनोज चौधरी 

 

मथुरा। वृंदावन क्षेत्र स्थित वृंदावन ग्रीन्स आवासीय परियोजना से जुड़े मामले में बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

थाना वृंदावन में दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि परियोजना के विकासकर्ता ने स्वीकृत शर्तों के अनुरूप आंतरिक विकास कार्य पूरे नहीं कराए और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत कार्य करते हुए नियमों का उल्लंघन किया।

 

श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को लेकर भागवताचार्य श्री इंद्रेश उपाध्याय जी महाराज ने भी ली शपथ 

मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर दर्ज मुकदमे में बताया गया है कि चैतन्य विहार आवासीय योजना फेस-2 के अंतर्गत समूह आवासीय भूखंड पर विकसित की गई वृंदावन ग्रीन्स परियोजना को वर्ष 2011 में स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना में रहने वाले निवासियों की शिकायतों के बाद प्राधिकरण ने मामले की जांच कराई।जांच के दौरान आरोप सामने आया कि विकासकर्ता द्वारा अनुबंध की शर्तों के अनुसार आवश्यक आंतरिक विकास कार्य पूरे नहीं किए गए। साथ ही स्वीकृत ग्रुप हाउसिंग मानचित्र में बंधक क्षेत्रफल के रूप में दर्शाई गई लगभग 620 वर्गमीटर भूमि पर निर्मित फ्लैटों को बंधक मुक्त कराए बिना ही बेच दिया गया।
प्राधिकरण के सहायक अभियंता द्वारा थाना वृंदावन में दी गई शिकायत में कहा गया है कि यह कृत्य स्वीकृत शर्तों और नियमों का उल्लंघन है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एफआईआर में आर.के. जैन, पुत्र स्व. श्री नमीचंद जैन, निवासी राधापुरम कॉलोनी, मथुरा को नामजद किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी

मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की इस कार्रवाई को समूह आवासीय योजनाओं में नियमों के अनुपालन और फ्लैट खरीदारों के हितों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।