मुंबई में जहरीले कैप्सूल की बड़ी साजिश नाकाम: मोहर्रम जुलूस में बांटने की तैयारी, 14,900 कैप्सूल और 50 किलो जिंक फॉस्फाइड बरामद
दशरथ सिंह राठौड़
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पुलिस ने एक संभावित बड़े हादसे को समय रहते टालने का दावा किया है। मोहर्रम के जुलूस के दौरान कथित तौर पर जहरीले कैप्सूल वितरित करने की तैयारी कर रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से करीब 14,900 भरे हुए कैप्सूल, लगभग 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड और करीब 30 हजार खाली कैप्सूल बरामद किए गए हैं।
प्राथमिक जांच के अनुसार आरोपी बिना किसी वैध अनुमति के लोगों के बीच कैप्सूल बांट रहा था। पुलिस को संदेह होने पर उसे हिरासत में लेकर कैप्सूलों की जांच कराई गई। जांच में उनमें जिंक फॉस्फाइड जैसा अत्यंत विषैला रसायन होने की बात सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी।

क्या है जिंक फॉस्फाइड?
जिंक फॉस्फाइड का उपयोग सामान्यतः चूहों को मारने वाले जहर के रूप में किया जाता है। यदि यह पदार्थ शरीर के भीतर पहुंच जाए तो पेट के अम्ल के संपर्क में आकर फॉस्फीन गैस बनाता है। यह गैस शरीर की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन के उपयोग की प्रक्रिया को बाधित कर देती है और हृदय, फेफड़े, लिवर तथा किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
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शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
विशेषज्ञों के अनुसार जिंक फॉस्फाइड विषाक्तता की शुरुआत मतली, उल्टी, चक्कर, बेचैनी और कमजोरी जैसे सामान्य लक्षणों से हो सकती है। कई मामलों में मरीज शुरुआती समय में सामान्य दिखाई देता है, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ सकती है। गंभीर स्थिति में हृदय की धड़कन अनियमित होना, रक्तचाप गिरना, सांस लेने में कठिनाई और कई अंगों के काम करना बंद करने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

इलाज में देरी हो सकती है जानलेवा
चिकित्सकों के अनुसार जिंक फॉस्फाइड के प्रभाव को खत्म करने के लिए कोई विशेष एंटीडोट उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण होता है, जहां जीवन रक्षक उपचार और अंगों को सहारा देने वाली चिकित्सा दी जा सके। समय पर इलाज न मिलने पर मृत्यु का खतरा काफी बढ़ जाता है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
मुंबई में कुछ समय पहले एक परिवार की संदिग्ध मौतों की जांच के दौरान भी जिंक फॉस्फाइड विषाक्तता की पुष्टि हुई थी। उसी घटना के बाद यह रसायन चर्चा में आया था। ताजा बरामदगी के बाद एक बार फिर इस जहरीले पदार्थ को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
पुलिस हर पहलू की कर रही जांच
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जहरीले पदार्थ की इतनी बड़ी मात्रा कहां से लाई गई, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं और इसका उद्देश्य क्या था। जांच एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।








