भाकियू टिकैत में मान-मनौव्वल की राजनीति तेज, नाराज नेताओं को साधने खुद मथुरा पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा

 

बरौली कैंप कार्यालय में चली कई घंटे की बैठक, संगठन में वापसी के साथ दिखी एकजुटता की कोशिश

मथुरा, 23 मई 2026।

भारतीय किसान यूनियन टिकैत में पिछले कुछ समय से चल रही अंदरूनी नाराजगी और निष्क्रियता को खत्म करने के लिए संगठन ने अब सीधा संवाद और सम्मान की राजनीति का रास्ता अपनाया है। इसी कड़ी में प्रदेश अध्यक्ष पंडित राजपाल शर्मा शुक्रवार को स्वयं मथुरा जनपद के बरौली स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने लंबे समय से संगठन से दूरी बनाए बैठे पुराने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।

बैठक के दौरान संगठन के भीतर उपजे असंतोष, उपेक्षा और कार्यक्रमों को लेकर चल रही नाराजगी पर खुलकर चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी कार्यकर्ताओं की बात गंभीरता से सुनी और भरोसा दिलाया कि संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि रहेगा।

“कार्यकर्ता ही संगठन की असली पूंजी”

प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन टिकैत की ताकत गांव-गांव में संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता हैं और किसी भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता के स्वाभिमान को ठेस नहीं पहुंचने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन में संवाद की कमी नहीं रहने दी जाएगी और हर स्तर पर कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई जाएगी।

श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को लेकर क्या बोले हिन्दू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन को कमजोर करने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई होगी।

जिलाध्यक्ष की अनुमति के बिना कार्यक्रमों पर रोक

बैठक में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर भी सख्त संदेश दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनपद में अब कोई भी कार्यक्रम जिलाध्यक्ष की अनुमति के बिना आयोजित नहीं किया जाएगा। यदि कोई पदाधिकारी ऐसा करता है तो इसे संगठन विरोधी गतिविधि माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जल्द होगी बड़ी समीक्षा बैठक

प्रदेश नेतृत्व ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में जिले के सभी सक्रिय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़ी समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें संगठन के विस्तार, किसान आंदोलनों और आगामी रणनीति पर चर्चा होगी।

बैठक के अंत में लंबे समय से निष्क्रिय चल रहे कई कार्यकर्ताओं ने दोबारा सक्रिय होकर संगठन को मजबूत करने का भरोसा दिया। कैंप कार्यालय पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

संगठन में नई सक्रियता के संकेत

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मथुरा में प्रदेश अध्यक्ष की यह पहल केवल नाराजगी दूर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आगामी किसान आंदोलनों और संगठनात्मक मजबूती की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। हाल के दिनों में संगठन के भीतर बढ़ रही निष्क्रियता के बीच यह बैठक भाकियू टिकैत के लिए नई ऊर्जा का संदेश मानी जा रही है।