ब्रज बिहारी गौतम, मथुरा
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45 डिग्री तापमान और लू ने बढ़ाई मुश्किलें, रात में भी नहीं मिल रही राहत
मथुरा। आसमान से आग बरस रही है और धरती तवे की तरह तप रही है। भीषण गर्मी और लू के चलते जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म हवाएं लोगों के शरीर को झुलसा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि दिन ही नहीं, रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही। घरों की पानी की टंकियों का पानी तक उबलने जैसा गर्म हो चुका है।
भीषण गर्मी का असर अब जीवन के हर क्षेत्र पर दिखाई देने लगा है। इंसान, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे और खेती-किसानी सब इस तपिश से प्रभावित हैं। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। पेड़ों की छांव भी राहत देने में नाकाम साबित हो रही है।
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मथुरा 20 मई 2026।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क
भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए मथुरा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने जनपद के समस्त गैर सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों को 20 मई 2026 से ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि तक पूर्ण रूप से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। समर कैंप, विशेष कक्षाएं, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और छात्र उपस्थिति आधारित सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।
जारी आदेश में कहा गया है कि वर्तमान परिस्थितियां छात्र-छात्राओं, विशेषकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद संवेदनशील और खतरनाक हैं। लू, निर्जलीकरण और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। विद्यालयों को ऑनलाइन माध्यम से गृहकार्य उपलब्ध कराने और बच्चों को विद्यालय न बुलाने के निर्देश दिए गए हैं।
रातें भी बन रहीं परेशानी
इस बार गर्मी की सबसे बड़ी समस्या रात में भी तापमान का लगातार ऊंचा बने रहना है। देर रात तक गर्म हवाएं चल रही हैं। कूलर और पंखे भी राहत देने में असफल साबित हो रहे हैं। शहरों में कंक्रीट और सीमेंट के बढ़ते दायरे के कारण गर्मी देर रात तक बनी रहती है। कई लोग छतों और खुले आंगनों में रात बिताने को मजबूर हैं।
पशु-पक्षी और पेड़-पौधे भी झुलसे
भीषण गर्मी का असर जीव-जगत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पक्षी पानी की तलाश में भटक रहे हैं। कई जगह कबूतर, कौवे और अन्य पक्षी गर्मी से बेहाल होकर गिरते दिखाई दे रहे हैं। आवारा पशु पेड़ों की छांव और पानी वाले स्थानों के आसपास शरण लेने को मजबूर हैं।
तालाब, पोखर और छोटे जलस्रोत सूखने लगे हैं। खेतों में खड़ी फसलें झुलस रही हैं और बाग-बगीचों के पौधे मुरझाने लगे हैं। किसानों का कहना है कि तेज गर्म हवाओं से सब्जियों और फलों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है।
अस्पतालों में बढ़ रहे मरीज
डॉक्टरों के अनुसार गर्मी बढ़ने के साथ ही डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सबसे अधिक खतरा बच्चों, बुजुर्गों और खुले में काम करने वाले मजदूरों को है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।
आगे और बढ़ सकती है गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में नौतपा के दौरान तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में हीट वेव का असर लगातार बना रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की है।








