मथुरा के प्रसिद्ध पेड़े पर उठे सवाल, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और स्वास्थ्य दोनों दांव पर
Mathura और Vrindavan की पहचान केवल धार्मिक नगरी के रूप में नहीं, बल्कि यहां के प्रसिद्ध पेड़े से भी जुड़ी हुई है। देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के साथ मथुरा का पेड़ा प्रसाद और स्मृति के रूप में अपने घर लेकर जाते हैं। मंदिरों में चढ़ावे से लेकर घरों तक पहुंचने वाला यही पेड़ा अब सवालों के घेरे में है।
बीते 72 घंटे के भीतर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दूसरी बड़ी कार्रवाई में फिर संदिग्ध पेड़ा पकड़े जाने के बाद यह मामला केवल मिलावट या अवैध सप्लाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि श्रद्धालुओं की सेहत और धार्मिक आस्था से जुड़े गंभीर विषय के रूप में सामने आया है।
पुरूषोत्तम मास में बढ़ती भीड़ के बीच बड़ा खुलासा
पुरूषोत्तम मास में वृंदावन और मथुरा में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में प्रसाद और मिठाइयों की मांग भी तेजी से बढ़ती है। इसी बीच जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान में लगातार दूसरी बार संदिग्ध पेड़ा पकड़ा गया।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्ञानपाल सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में स्कूटी पर चार प्लास्टिक के बोरों में लगभग 150 किलोग्राम संदिग्ध पेड़ा ले जाया जा रहा था। यह पेड़ा श्री बांके बिहारी मंदिर क्षेत्र की दुकानों तक पहुंचाया जाना था।
पूछताछ में सामने आया कि छटीकरा निवासी विष्णु पुत्र अमरचंद के यहां से यह पेड़ा दुकानों तक सप्लाई किया जाता था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने नमूना भरकर जांच के लिए भेजा, जबकि शेष पेड़ा नष्ट करा दिया गया।
इससे पहले 17 कुंतल पेड़ा भी पकड़ा गया
इस कार्रवाई से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने धौलपुर से लाई गई बुलेरो पिकअप में करीब 17 कुंतल संदिग्ध पेड़ा पकड़ा था। जांच में सामने आया कि तैयार पेड़ा बड़े पैमाने पर धौलपुर से लाकर वृंदावन क्षेत्र में खपाया जा रहा था।
इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह, रामनरेश, मोहर सिंह कुशवाह, भरत सिंह, दलवीर सिंह और धर्मेंद्र सिंह ने कुल नौ नमूने संग्रहित किए थे। करीब 2.58 लाख रुपये कीमत का पेड़ा मौके पर नष्ट कराया गया।
आस्था के नाम पर श्रद्धालुओं की जिंदगी से खिलवाड़?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस मथुरा को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि होने के कारण दुनिया भर में श्रद्धा और विश्वास का केंद्र माना जाता है, वहीं आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सेहत के साथ आखिर कौन और क्यों खिलवाड़ कर रहा है?
मथुरा का पेड़ा केवल मिठाई नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं और ब्रज संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु इसे प्रसाद मानकर ग्रहण करते हैं और अपने परिवारों तक लेकर जाते हैं। ऐसे में अस्वस्थकर परिस्थितियों में रखा गया संदिग्ध पेड़ा पकड़ा जाना गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्ञानपाल सिंह ने बताया कि सभी नमूनों को राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।








