मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील के नगरी गांव के पुत्र गजेंद्र सिंह ने वह कर दिखाया, जो हर खिलाड़ी का सपना होता है। हरियाणा के करनाल स्थित कल्पना चावला ऑडिटोरियम में 28 से 30 नवंबर तक आयोजित वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में गजेंद्र ने जूनियर 82.5 किलोग्राम भार वर्ग में डेडलिफ्ट के तहत 170 किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर ब्रज का नाम विश्व पटल पर चमका दिया।
इस प्रतियोगिता में 27 देशों के दिग्गज खिलाड़ियों ने भाग लिया, जहां पोलैंड के गुरुकीर्तन मान सिल्वर और स्कॉटलैंड के रिकॉल ब्रॉन्ज जीत सके, लेकिन सोने का ताज नगरी के बेटे गजेंद्र ने पहन लिया।
गजेंद्र की यह सफलता केवल पदक तक सीमित नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और विश्वास की कहानी है। गांव की मिट्टी से उठकर विश्व मंच तक पहुंचने वाले गजेंद्र बताते हैं कि यह जीत उनके अकेले की नहीं—
“यह मेरी माता राजकुमारी, पिता रामगोपाल, भाई विष्णु, बॉबी और बहन दीपसिखा का आशीर्वाद है। साथ ही कोच विश्व चैंपियन गोविंद सिंह ने कठिन समय में जिस तरह साथ दिया, उसी ने मुझे यहां तक पहुंचाया।”
कहते हैं कि कठिन दौर ही असली ताकत गढ़ते हैं, और गजेंद्र की जीत इसका जीवंत उदाहरण बन गई है। गांव में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। दिनेश चौधरी, पवन ठाकुर, लवकुश ठाकुर, ब्रजकिशोर सहित कई लोगों ने पहुंचकर गजेंद्र को सम्मानित किया।
ब्रजभूमि ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि यहां की मिट्टी केवल भक्ति ही नहीं, बल्कि विश्व विजेताओं को भी जन्म देती है। गजेंद्र की यह उपलब्धि न सिर्फ गांव नगरी बल्कि पूरे मथुरा और भारत के लिए प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।