बुजुर्गों का सम्मान करना हमारी परंपरा है। वृद्धजनों से हमें प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सदैव मार्गदर्शन मिलता है। देश में सर्वाधिक युवा है, बुजुर्ग उन्हें मार्गदर्शन देते रहें तो भारत को अग्रणी देश बनाया जा सकता है।

ये बातें भाजपा नेत्री आकांक्षा चौधरी ने वृंदावन के वृद्धाश्रम में वृद्ध जनों को सम्मानित करते हुए कही। साथ ही उनको सफल होने का आशीर्वाद दिया।
समारोह का आयोजन जगन सिंह द्वारा किया गया । आकांक्षा चौधरी ने कहा कि आमतौर पर वृद्धाश्रम में अपने माता-पिता को रखना अच्छा नहीं माना जाता, लेकिन शहरीकरण के विस्तार व आधुनिक जीवन प्रणाली में अकेलापन को दूर करने के लिए यह जरूरी भी हो गया है। वृद्धाश्रम को आधुनिक जीवन के अनुरूप व्यवस्थित रूप से निर्माण करने की जरूरी है, तभी इसकी प्रासंगिकता रहेगी। भारतीय संस्कृति में गृहस्थ के बाद वानप्रस्थ आश्रम को मानते थे। वृद्धाश्रम को भी उसी दृष्टि से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार में बुजुर्गों की सदा आवश्यकता महसूस की जाती है। वरिष्ठजनों की जिम्मेदारी है कि वे अपने अनुभव का लाभ आने वाली पीढ़ी को आशीर्वाद के तौर पर दें। युवाओं की ऊर्जा और वरिष्ठजनों के अनुभव से ही समाज और देश समृद्ध होगा।
इस मौके पर रज्जन सिंह, देवेंद्र पाल, एलम सिंह , संजय मिश्रा , हुकुम चंद , रमेश गौतम, जीतू पचहरा, सूबेदार सूरजपाल, भवानी सिंह आदि उपस्थित रहे ।।








