जयंत चौधरी का दांव कहीं हेमामालिनी की हैट्रिक पर न लगा दे विराम

मनोज चौधरी

लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में डेढ़ दर्जन के करीब सीटों पर अपना प्रभाव रखने वाले राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया जयंत चौधरी का दांव कहीं बॉलीबुड अभिनेत्री और मथुरा की  सांसद हेमामालिनी की हैट्रिक पर विराम न लगा दे। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से चल रही बात में रालोद मुखिया एक बार फिर अपने बाबा चौधरी चरण सिंह की उस खोई हुई राजनीतिक ताकत के धरातल को हासिल करने के लिए जिसे उन्होंने मिनी छपरौली की पहचान के रूप में स्थापित किया था। यहां से बॉलीवुड अभिनेत्री हेमामालिनी संसद है। जो इस बार मथुरा लोकसभा सीट हैट्रिक बनाने की तैयारी कर चुकी है। पीएम मोदी ने भी मीराबाई उत्सव में यह कहकर स्पष्ट कर दिया था कि भगवान कृष्ण की नगरी में तो हेमा मालिनी रम गई हैं।

रालोद के मुखिया जयंत चौधरी ने 2009 के चुनाव में लोकसभा तक की यात्रा मथुरा से ही शुरू की थी। हालांकि इससे पहले उनकी दादी गायत्री देवी और बुआ ज्ञानवती लोकसभा के चुनाव हार गई थीं। मगर, रालोद ने विधान सभा के चुनाव में यहां कई बार गोवर्धन और बलदेव विधान सभा से जीत हासिल की। बलदेव जो पूर्व में गोकुल विधानसभा के नाम से जानी जाती थी, उसे तो पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने मिनी छपरौली का नाम दिया। यहां तक कि सादाबाद, इगलास विधानसभा क्षेत्र में रालोद का वर्चस्व कायम रहा था। अब भरतपुर में भी रालोद ने अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ बनाई है। आगरा जिले की फतेहपुर सीकरी में भी रालोद का दबदबा पूर्व में रहा है। इन सभी क्षेत्रों के लिए रालोद की राजनीति की धुरी मथुरा ही रहा है, यही मुख्य कारण माना रहा है कि रालोद मुखिया भाजपा से मथुरा लोकसभा सीट की मांग कर रहे हैं। मगर, राजनीति के जानकारों का कहना है कि भाजपा रालोद को मथुरा लोक सभा सीट किसी सूरत में नहीं  देगी।