आदित्य मंगल न्यूज
मथुरा जिले के थाना हाईवे क्षेत्र के गांव सलेमपुर में अपना ढाबा के मालिक की गोली मार कर हत्याकांड में फरार चल रहे भाड़े के शूटर को भी पुलिस ने मंगलवार रात को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। ढाबा मालिक की हत्या उसके भाई ने ही
सुपारी देकर कराई थी। चार आरोपियों को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
सलेमपुर निवासी लाखन चौधरी का सौंख रोड के किनारे ढाबा है। उसके ऊपर वह अपने परिवार के साथ मे रहते थे। रात करीब दस बजे लाखन अपने ढाबे पर बैठे थे। उनके पुत्र मनीष और देवेंद्र के अलावा एक कर्मचारी भी था। तीन युवक एक ही मोटर साइकिल पर आए। एक युवक ने सिगरेट मांगी। लाखन सिगरेट देने लगे, तभी उनके सीने में युवक ने गोली मार दी। बेटों ने शोर मचाया, तब तक दूसरे युवक ने दूसरी गोली सीने मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। एसएसपी शैलेश पांडेय, एसपी सिटी एमपी सिंह और थाना हाईवे प्रभारी छोटे लाल घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस को पूछताछ में पीड़ित परिवार के लोगों ने बंटी का नाम बताया तो पुलिस घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर गांव में बंटी के घर पहुंची तो वह अपने घर पर सो रहा था। बंटी लाखन के चाचा का पुत्र है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। मृतक के छोटे भाई ने बंटी, अपनी बुआ इंद्रा, चाचा नृपत और नृपत के पुत्र हिमांशु के खिलाफ थाना हाईवे में नामजद मुकदमा लिखाया था। एसएसपी ने बताया, इस हत्याकांड में नामजदगी झूठी निकली थी। सुरेंद्र ने ही अपने भाई की हत्या पुश्तैनी मकान को बेच कर मिली 88 लाख रुपये हड़पने और अपने परिवार के सदस्यों को फंसा कर उनकी जमीन कब्जाने की नीयत से कराई थी। इस मामले में सुरीर कोतवाली क्षेत्र के गांव ढोकलावास के हिस्ट्रीशीटर ऊदल, ऊदल के भतीजे मानवेंद्र उर्फ भोला, अंशुल और अंशू निवासी जमुनाधाम कालोनी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जमुना विहार कालोनी निवासी कान्हा उर्फ रोहित चौधरी फरार था। उस पर 15 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था। मंशा टीला के समीप रात को थाना हाईवे प्रभारी छोटे लाल और एसओजी प्रभारी राकेश कुमार यादव की टीम को रोहित चौधरी की लोकेशन मिली थी। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपित ने फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने गोलियां चलाई। पुलिस की गोली लगने से रोहित चौधरी घायल हो गया। वह शूटर है।








