-20 हजार रुपये का अर्थदंड, लेनदेन को लेकर हुआ था विवाद
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अपर सत्र न्यायाधीश (तृतीय) न्यायालय ने भरतपुर गेट की वाल्मीकि बस्ती में वर्ष 2009 में की गई एक व्यक्ति की हत्या के मामले में एक आरोपित को दोषी ठहराया है। दोषी को न्यायालय ने आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। दोषी के नाबालिग बेटे का मुकदमा जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है।
शासन की ओर से मुकदमा की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भीष्मदत्त तोमर ने बताया, भरतपुर गेट स्थित वाल्मीकि बस्ती के चुरियाना मुहल्ला निवासी राकेश के ऊपर 17 अक्टूबर 2009 की रात को वाल्मीकि चौक में बब्बन उर्फ बब्बल और उसके नाबालिग बेटे ने हमला किया था। क्रिकेट के बैट और सरिया से प्रहार किए जाने से राकेश घायल हो गए। उनको उपचार के लिए आगरा में भर्ती कराया। पांच दिन बाद राकेश की मृत्यु हो गई। मृतक के चाचा हजारी निवासी मछली मार्केट वाल्मीकि बस्ती ने बब्बल और उसके नाबालिग बेटे के विरुद्ध कोतवाली में गैरइरादतन हत्या का मुकदमा लिखाया था। पुलिस ने बब्बल को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भीष्मदत्त तोमर ने न्यायालय में दस गवाह प्रस्तुत किए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने बब्बल को हत्या का दोषी ठहराया। उन्होंने बताया, लेने-देन के मामले में हस्तक्षेप किए जाने को लेकर राकेश की हत्या हुई थी। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बब्बल जमानत पर था। दोषी की जमानत को रद कर सजा भुगतने को जेल भेजा गया है। एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि पुलिस की प्रभावी कार्रवाई की प्रभावी कार्रवाई से एक आरोपित को यह सजा मिल पाई है। पुलिस का कार्य आरोपित को सजा दिलाने का कार्य है, जो वब बखूबी कर रही है।








