राधारमण जू के 484वें प्राकट्योत्सव पर भक्ति में डूबा वृंदावन

 

 

नवीन चौधरी। वृंदावन।

जयघोषों से गुंजायमान हुआ राधारमण मंदिर

वृंदावन। ठाकुर राधारमण मंदिर में शुक्रवार को ठाकुर राधारमण देव जू का 484वां प्राकट्योत्सव अपार श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और “राधारमण हरि बोल” व “जय जय श्री राधारमण” के जयघोषों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।

प्राकट्योत्सव के अवसर पर सेवायत गोस्वामियों द्वारा ठाकुर राधारमण देव जू के श्रीविग्रह का हजारों किलो दिव्य द्रव्यों से भव्य महाभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखध्वनि और हरिनाम संकीर्तन के बीच संपन्न हुए इस महाअभिषेक ने श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति कराई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले मथुरा की बात क्यों नहीं उठाएंगे?

मंदिर के सेवायत आशीष किशोर गोस्वामी ने बताया कि सर्वप्रथम यमुना नदी के तट से पावन यमुना जल लाया गया। इसके पश्चात उस जल में इत्र, केसर, दूध, दही, शहद, पुष्प एवं विविध औषधियों का मिश्रण तैयार कर विधि-विधानपूर्वक महाभिषेक संपन्न किया गया। अभिषेक के दौरान भक्तजन ठाकुरजी के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भावविभोर हो उठे।

मंदिर में भजन गायकों द्वारा प्रस्तुत मधुर भजन-संकीर्तन ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। भक्तजन भजन-कीर्तन में लीन होकर प्राकट्य महोत्सव का आनंद लेते नजर आए।

प्राकट्योत्सव के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया। पुष्पों, रंग-बिरंगी झालरों और आकर्षक विद्युत सज्जा से सुसज्जित मंदिर की छटा देखते ही बन रही थी। ठाकुर राधारमण देव जू के अलौकिक श्रृंगार और दिव्य दर्शन ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। दूर-दराज से आए भक्तों ने इस दुर्लभ अवसर पर दर्शन कर स्वयं को धन्य माना।

इस अवसर पर पंकज गोस्वामी, शुभम कांत गोस्वामी, दिनेश कुमार गोस्वामी, गोपाल गोस्वामी, जयति कृष्ण गोस्वामी, प्रखर गोस्वामी, विशाल गोस्वामी, अनुभूति कृष्ण गोस्वामी, वरुण गोस्वामी, चंद्रमणि गोस्वामी, राधाकांत गोस्वामी सहित अनेक सेवायत गोस्वामी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।