खुदी सड़कों, टूटी व्यवस्था और निगम की कार्यशैली के खिलाफ फूटा व्यापारियों का गुस्सा, 18 जून को नगर निगम घेराव का ऐलान

शशिभानु गर्ग, महामंत्री व्यापार प्रतिनिधि मंडल

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मथुरा, 15 जून। धार्मिक नगरी मथुरा इन दिनों विकास कार्यों से कम और अव्यवस्था से ज्यादा चर्चा में है। शहर की प्रमुख सड़कों को एक साथ खोद दिए जाने, अधूरे निर्माण कार्यों, जलभराव के खतरे और नगर निगम की कथित मनमानी से त्रस्त व्यापारियों और आम नागरिकों का आक्रोश अब सड़कों पर उतरने जा रहा है। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने 18 जून को होली गेट से नगर निगम कार्यालय तक विशाल प्रदर्शन और मार्च का ऐलान किया है।

व्यापार मंडल का आरोप है कि सड़क निर्माण के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। पुराने बस अड्डे से होली गेट, कृष्णापुरी चौराहे से होली गेट और होली गेट से भरतपुर गेट तक एक साथ चल रही खुदाई ने व्यापार और आवागमन दोनों को प्रभावित कर दिया है। दुकानों तक ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है, जबकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

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व्यापारियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई कई सड़कों के किनारे आज तक न तो फुटपाथ बने हैं और न ही नालियां। बरसात सिर पर है और हालात ऐसे हैं कि हल्की बारिश में ही दुकानों में पानी भरने का खतरा मंडरा रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब सड़कें बन गईं तो उनसे जुड़े बुनियादी कार्य वर्षों बाद भी अधूरे क्यों हैं?

आक्रोश का एक बड़ा कारण नगर निगम का सचल दल भी है। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि प्लास्टिक और अतिक्रमण अभियान की आड़ में व्यापारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है, उन्हें धमकाया जाता है और कार्रवाई के नाम पर उत्पीड़न किया जाता है। व्यापार मंडल ने इसे प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि भय का माहौल बनाने की कोशिश बताया है।

वर्षों से लंबित नामांतरण, गृहकर और जलकर से जुड़े मामलों को लेकर भी व्यापारियों में नाराजगी है। जवाहरहाट स्थित विस्थापित परिवारों की दुकानों और आवासों के कर जमा न होने तथा कोतवाली रोड के दुकानदारों के नामांतरण मामलों के वर्षों से लंबित पड़े रहने को लेकर भी अधिकारियों पर उदासीनता के आरोप लगाए गए हैं।

भैंस बहोरा स्थित खतरनाक नाले का मुद्दा भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा रहेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस नाले में पूर्व में इंसानों और पशुओं की जान जा चुकी है, लेकिन इसके सुरक्षित निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं मुख्य मार्ग पर स्थित डलावघर को हटाने की मांग भी लंबे समय से अनसुनी पड़ी है।

व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल और महामंत्री शशिभानु गर्ग ने कहा कि यदि प्रशासन ने जनता और व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि शहर की लगभग पांच दर्जन व्यापारिक इकाइयों के हजारों व्यापारी 18 जून को होली गेट चौराहे पर एकत्र होकर नगर निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेंगे और अधिकारियों को जनता के सब्र का संदेश देंगे।