कथा के मंच से संघर्ष का आह्वान, फोगला आश्रम में उठा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का स्वर

 

अर्चना टकसालिया उप संपादक 

वृंदावन के फोगला आश्रम में चल रही भगवताचार्य रमाकांत गोस्वामी की श्रीमद्भागवत कथा के दौरान उस समय माहौल जोश और उत्साह से भर उठा, जब श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने भक्तों को संबोधित किया। जैसे-जैसे उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति संघर्ष का इतिहास और वर्तमान स्वरूप रखा, पूरा हाल “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की प्राकट्य भूमि का गर्भगृह सनातन आस्था का मूल केंद्र है। ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार राजा बज्रनाभ ने वहां भव्य मंदिर का निर्माण कराया था, जिसे

कथा में बोले महेंद्र प्रताप सिंह एडवकोट आक्रांताओं ने ध्वस्त किया। उन्होंने कहा कि 1670 में औरंगजेब द्वारा गर्भगृह स्थल पर ईदगाह मस्जिद बनाए जाने की पीड़ा आज भी हिंदू समाज के मन में जीवित है।

 

उन्होंने बताया कि इसी ऐतिहासिक अन्याय के समाधान के लिए 23 दिसंबर 2020 को न्यायालय में वाद दायर किया गया, जिसे स्वीकार किए जाने के बाद यह विषय जन-जन के विमर्श का केंद्र बन गया। उन्होंने दो टूक कहा कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था, धैर्य और संकल्प का प्रतीक है। इस कथन पर श्रद्धालु खड़े होकर तालियां बजाने लगे।

भाषण के दौरान पूरा पंडाल बार-बार तालियों और जयघोष से गूंजता रहा। भक्तों में उत्साह साफ नजर आया और कई श्रद्धालुओं ने आंदोलन से जुड़ने का संकल्प भी व्यक्त किया।

📌 चल रहे अभियान

▪ 23 दिसंबर 2020 – श्रीकृष्ण जन्मभूमि गर्भगृह को लेकर वाद न्यायालय में दायर

▪ श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ज्योति यात्रा – देशभर में जनजागरण

▪ 27 नवंबर 2024 – वृंदावन में अंतरराष्ट्रीय धर्म संसद

▪ 11 जनवरी 2025 – श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुख्य द्वार से हस्ताक्षर अभियान

▪ 1 फरवरी 2025 – प्रयाग महाकुंभ में महासंवाद

▪ 24 जून 2025 – हिंदू चेतना यात्रा का शुभारंभ

▪ ‘चलो गांव की ओर’ अभियान – ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरण

▪ 7 जनवरी 2026 – वृंदावन से पुनः श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ज्योति यात्रा