रामकुमार रौतेला, वरिष्ठ पत्रकार मथुरा।
ब्रज क्षेत्र के वेटलैंड्स अब अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय अध्ययन के केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाने जा रहे हैं। एशियन वाटरबर्ड सेंसस–2026 के अंतर्गत आगरा मंडल के चार प्रमुख वेटलैंड्स पर जलीय पक्षियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर की गणना की जाएगी। इस महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अभियान की शुरुआत मथुरा स्थित जोधपुर झाल वेटलैंड से होगी, जिसे उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा ईको–टूरिज्म के रूप में विकसित किया गया है।
18 से 22 जनवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम में दो रामसर साइट, एक पक्षी विहार और एक ईको–टूरिज्म वेटलैंड को शामिल किया गया है। इस वर्ष की गणना की विशेषता यह है कि एटा स्थित पटना पक्षी विहार पहली बार एशियन वाटरबर्ड सेंसस का हिस्सा बनेगा, जिससे ब्रज और आसपास के क्षेत्रों की जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण और अधिक व्यापक हो सकेगा।
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एशियन वाटरबर्ड सेंसस वेटलैंड्स इंटरनेशनल द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जिसमें दक्षिण एशियाई देशों के वेटलैंड्स पर निर्भर स्थानीय और प्रवासी जलीय पक्षियों की संख्या, प्रजातियों और उनके आवासों का आकलन किया जाता है। यह गणना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है और संरक्षण नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
गणना के संयोजक एवं बीआरडीएस संस्था के ईकोलॉजिस्ट डॉ. के.पी. सिंह ने बताया कि इस अभियान में बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी (बीआरडीएस) के विशेषज्ञों के साथ नेशनल चंबल सेंचुरी प्रोजेक्ट, वन विभाग तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्रोफेसर और शोधार्थी सहभागिता करेंगे। सभी वेटलैंड्स पर विशेषज्ञों के निर्देशन में वैज्ञानिक पद्धति से पक्षियों की गणना की जाएगी।
वेटलैंड्स इंटरनेशनल के उत्तर प्रदेश कोऑर्डिनेटर नीरज श्रीवास्तव के अनुसार, एशियन वाटरबर्ड सेंसस भारत की राष्ट्रीय कार्य योजना के अंतर्गत मध्य एशियाई फ्लाईवे से जुड़े प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसके निष्कर्ष भविष्य की संरक्षण रणनीतियों को दिशा देंगे।
गणना कार्यक्रम
• जोधपुर झाल वेटलैंड, मथुरा – 18 जनवरी 2026
• सूर सरोवर (कीठम), आगरा – 19 जनवरी 2026
• पटना पक्षी विहार, एटा – 21 जनवरी 2026
• समान बर्ड सेंचुरी, मैनपुरी – 22 जनवरी 2026
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली यह गणना ब्रज के वेटलैंड्स की पारिस्थितिक महत्ता को उजागर करने के साथ-साथ इनके संरक्षण की दिशा में ठोस आधार तैयार करेगी।








