अजय शर्मा वृंदावन।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में हिंदू पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में चल रहा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन अब और अधिक गति पकड़ता नजर आ रहा है। वृंदावन में संत समाज और श्रद्धालुओं के बीच निरंतर संवाद और संपर्क के माध्यम से आंदोलन को नई ऊर्जा दी जा रही है।
इसी क्रम में महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट संत श्यामानंद जी महाराज के साथ वृंदावन स्थित वृंदाकुंज पहुंचे, जहां उन्होंने जर्मनी से आए संत परमाद्वितीया जी महाराज से भेंट की। इस दौरान आंदोलन की वर्तमान स्थिति, आगे की रणनीति और सामाजिक समर्थन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में आंदोलन को और अधिक प्रभावी एवं संगठित रूप देने पर जोर दिया गया।
इससे पहले वृंदावन पहुंचे श्रद्धालुओं से सीधा संवाद करते हुए महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के उद्देश्य और इसकी कानूनी स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन आस्था, इतिहास और न्याय से जुड़ा विषय है, जिसे पूरी तरह शांतिपूर्ण और कानूनी मार्ग से आगे बढ़ाया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
धार्मिक गतिविधियों के तहत महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट एवं संत श्यामानंद जी महाराज ने केसी घाट पर मां यमुना की विधिवत पूजा-अर्चना की और भजनों का गायन किया। इससे पूर्व दोनों इस्कॉन गोशाला पहुंचे, जहां गायों को हरा चारा और तिल के लड्डू खिलाकर गौसेवा की गई। इस अवसर पर इस्कॉन के संन्यासी राधेश्यामानंद स्वामी जी से मुलाकात के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की कड़े शब्दों में निंदा की गई। साथ ही गोहत्या के मुद्दे पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

लगातार बैठकों, जनसंवाद और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को लेकर चल रहा आंदोलन अब संगठित और सक्रिय चरण में तेजी से प्रवेश कर रहा है।








