अनिवार्य : भाजपा का हर कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर अपलोड करेगा पार्टी कार्यक्रम की फोटो वीडियो

पंडित श्याम चतुर्वेदी , जिला मीडिया प्रभारी

 

मथुरा: अटल जनशताब्दी समारोह पर जिला भाजपा की कार्यशाला सम्पन्न।

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी को लेकर जिला भाजपा ने आगामी कार्यशाला की बैठक संपन्न हुई। भाजपा ने 25 से 31 दिसंबर तक मथुरा जिले की तीनों विधानसभाओं में ‘अटल स्मृति सम्मेलन’ आयोजित करने का फैसला किया है। भाजपा जिलाध्यक्ष निर्भय पांडे ने अभियान की रूपरेखा जारी करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक नेता नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति की आत्मा थे। उनकी स्मृति को स्थायी और जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। जिलाध्यक्ष निर्भय पांडे के अनुसार, अटल स्मृति वर्ष के तहत हर विधानसभा क्षेत्र मे। जिले की छाता, गोकुल और मांट विधानसभाओं में होने वाले अटल स्मृति सम्मेलनों में तीन वक्ता अटल जी के जीवन, विचार, सुशासन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डालेंगे। यह सम्मेलन केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भाजपा की वैचारिक विरासत को जमीन से जोड़ने का माध्यम होंगे। भाजपा ने अटल स्मृति वर्ष को केवल भाषणों तक सीमित न रखते हुए इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देने का फैसला किया है। 25 से 31 दिसंबर तक पूरे जिले में सुशासन यात्राएं निकाली जाएंगी। प्रभात फेरियां आयोजित होंगी।

रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। जिले के मण्डल और बूथ स्तर पर कवि सम्मेलन, चित्रकला प्रतियोगिता और प्रश्नोत्तरी का आयोजन होगा। इन आयोजनों के जरिए अटल जी के सुशासन, समावेशी विकास और राष्ट्रवाद के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा। भाजपा ने 25दिसंबर को अटल जी की स्मृति को समर्पित एक विशेष दिन के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस दिन जिले की हर विधानसभा के हर बुथ पर हर मण्डल के भाजपा कार्यालय में अटल की प्रतिमा के समक्ष दीपोत्सव मनाया जाएगा। कार्यक्रम को पार्टी संगठन के साथ-साथ सामाजिक संगठनों की भागीदारी से भव्य रूप दिया जाएगा।

जिला मीडिया प्रभारी श्याम चतुर्वेदी ने सभी कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया कि आगामी कार्यक्रमो को सोशल मीडिया, नमो एप, फेसबुक इत्यादि पर पोस्ट करना अनिवार्य है।* कार्यशाला में जिला महामंत्री अनिल चौधरी, सत्यपाल चौधरी, कार्यक्रम संयोजक मनीषा पाराशर, सह संयोजक अमन ठाकुर,सुरेश तरकर, एवं रणवीर सिंह आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यशाला का संचालन मनीषा पाराशर ने किया।