श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद: कानूनी लड़ाई से धार्मिक पुनर्जागरण तक

  1. मनोज चौधरी। वृंदावन से।

करीब पांच साल पहले अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह विवाद को फिर से देश के सामने रखा। उस समय वह अकेले थे,

पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती को श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के आंदोलन की जानकारी देते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

लेकिन आज यह आवाज़ पूरे देश में गूंज रही है। महेंद्र प्रताप सिंह ने करीब पांच सौ साल पुराने इस विवाद को नई कानूनी दिशा दी और भगवान श्रीकृष्ण की प्राकट्य स्थली से न्याय की मांग शुरू की।

श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

इतिहास के अनुसार, मुगल शासक औरंगजेब ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़कर उसके स्थान पर मस्जिद बनवाई थी। कहा जाता है कि उसने भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह को आगरा ले जाकर जामा मस्जिद की सीढ़ियों में चिनवा दिया था। इन विग्रहों को वापस मथुरा लाने और जन्मभूमि को मूल स्वरूप में स्थापित करने की मांग को लेकर अब अदालत में लड़ाई जारी है।

जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट और साथ में संत पंडित श्यामानंद जी महाराज

महेंद्र प्रताप सिंह ने इस संघर्ष को संगठित रूप देने के लिए “श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास” की स्थापना की। उनका कहना है कि यह किसी राजनीतिक लाभ का आंदोलन नहीं, बल्कि आस्था और अस्मिता की लड़ाई है।

महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है —

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट मध्य में जर्मनी के संत परम अद्वैत जी महराज और वृंदावन के प्रमुख संत श्यामानंद जी महाराज

 “हमारा लक्ष्य है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का सत्य हर हिंदू तक पहुँचे। इसके लिए जगद्गुरु शंकराचार्य, पीठाधीश्वर,

बागेश्वर पीठ के पीठाधीश्वर से श्रीकृष्ण जन्म भूमि की मुक्ति के मुद्दे पर चर्चा करते हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

महामंडलेश्वर, संत-महात्माओं और जनसामान्य से लगातार संवाद हो रहा है। यह ठाकुर जी का कार्य है, इसमें कोई स्वार्थ नहीं। हमें भरोसा है कि एक दिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि अवश्य मुक्त होगी।”

बाद में इस मुहिम से वृंदावन के संत पंडित श्यामानंद जी महाराज भी जुड़े, जिन्होंने इसे धार्मिक और आध्यात्मिक बल दिया।

अंतर्राष्ट्रीय राम कथा वाचक संत मुरारी बापू को श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस के जानकारी देते श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

आज यह आवाज़ सिर्फ मथुरा तक सीमित नहीं है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति की यह पुकार अब भारत से लेकर एशिया और यूरोप के कई देशों तक पहुँच चुकी है। आने वाले समय में यह आंदोलन देश में धार्मिक एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई धारा तैयार कर सकता है।