भगवत मंदिर में 111 बटुक ब्राह्मणों का सामूहिक जनेऊ संस्कार संपन्न

मनोज चौधरी मथुरा 

भगवत मंदिर में बुधवार को सनातन परंपरा के अनुरूप 111 बटुक ब्राह्मणों का सामूहिक जनेऊ (यज्ञोपवीत) संस्कार विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन आचार्य बद्री जी के सानिध्य में प्रतिवर्ष की भांति सातवें वर्ष में आयोजित किया गया, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ के साथ संस्कार कराया गया।

 कार्ष्णि नागेन्द्र जी महाराज (प्रभारी, काशी विद्वत्परिषद पश्चिमी भारत) ने सनातन परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत राम, कृष्ण और ऋषियों की भूमि है तथा सनातन संस्कृति की शास्त्रीय परंपरा का मूल आधार ऋषि परंपरा है। जनेऊ संस्कार ब्राह्मण जीवन का प्रथम और अनिवार्य संस्कार है, जिसके उपरांत ही ब्राह्मण वेद अध्ययन, यज्ञ, पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठानों का अधिकारी बनता है। बिना जनेऊ संस्कार के ब्राह्मण को याज्ञिक कर्म करने का अधिकार प्राप्त नहीं होता।

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कार्यक्रम में महामंडलेश्वर वेदानंद जी महाराज, महंत मोहिनी बिहारी शरण जी महाराज सहित अनेक आचार्य एवं विद्वान ब्राह्मण उपस्थित रहे। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी सम्मिलित हुए और संस्कार के सफल आयोजन के साक्षी बने।

आयोजन को सनातन संस्कृति के संरक्षण और भावी पीढ़ी को वैदिक परंपराओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया।