विदेशों तक पहुंचेगा आंदोलन, श्रद्धालुओं को भेजे जा रहे हैं क्यूआर कोड
क्यू आर कोड
पहले दिन 70 से अधिक लोग जुड़े, वृंदावन में पूजा अर्चना कर हुई शुरुआत
क्यू आर कोड जारी करते श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को उसके मूल स्वरूप में स्थापित करने के लिए चल रहे आंदोलन को अब वैश्विक गति मिलने जा रही है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद केस के हिंदू पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने शनिवार को वृंदावन के वृंदा कुंज गौड़िया मठ में पूजा-अर्चना कर विश्वव्यापी डिजिटल अभियान की शुरुआत की।
एक कार्यक्रम में विजयी मुद्रा का संकेत देते जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट और उनके साथ हैं पंडित श्यामानंद जी महाराज
उन्होंने कहा अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए विश्वभर के हिंदू डिजिटल माध्यम से जुड़ सकेंगे। हमने एक विशेष क्यूआर कोड अभियान शुरू किया है, जिसे स्कैन कर कोई भी व्यक्ति आंदोलन से सीधे जुड़ सकता है। विदेशों में भी कार्यकर्ताओं को क्यूआर कोड भेजा जा रहा हैं , ताकि हर देश में लोग श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में अपनी भागीदारी कर सके। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने बताया कि पहले भी हस्ताक्षर अभियान, चलो गांव की ओर, और हिंदू चेतना यात्रा जैसे अभियान जारी है। लेकिन यह डिजिटल अभियान आंदोलन को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आस्था और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा का अभियान है। पहले दिन लगभग 70–80 लोग इस अभियान से जुड़े। संत गोपाल नंद बोन महाराज ने कहा कि भारत ही नहीं, अब विदेशी भक्त भी इस पवित्र मुहिम का हिस्सा बनेंगे। संत मुकुंद नंद बोन महाराज ने कहा कि तकनीक जब धर्म से जुड़ती है, तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। प्रोफेसर डॉक्टर राम आरके और भक्ति विचार विष्णु महाराज ने कहा कि यह पहल कृष्णभावना को विश्व स्तर पर फैलाने का माध्यम बनेगी। वृंदावन के संत पंडित श्यामानंद जी महाराज ने कहा कि यह डिजिटल युग का धर्मयुद्ध है। अब भक्ति और संस्कृति की रक्षा सोशल प्लेटफॉर्म से भी होगी। महेंद्र प्रताप सिंह का यह प्रयास जन-जन को जोड़ने वाला है।
भक्ति प्रचार विष्णु महाराज ने कहा कि अब मथुरा से निकला यह संकल्प पूरी दुनिया तक जाएगा। संत शौनक महाराज ने कहा कि जब आस्था और तकनीक एक साथ हों, तो विजय निश्चित होती है। फ्रांस के संत सुधद्वैती महाराज ने कहा कि विदेशों में भी भक्त इस अभियान से जुड़ने को उत्साहित हैं। भक्ति वेदांत वामन महाराज ने इसे कृष्ण सेवा का आधुनिक रूप बताया। स्वामी परमद्वैती महाराज ने कहा कि वृंदा कुंज से शुरू हुई यह पहल पूरे विश्व में ब्रजभक्ति की भावना फैलाएगी। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए भक्तों ने बड़ी संख्या में भाग लिया ।