सचिव का कारनामा, दो बैग यूरिया दिया और रिकॉर्ड में दर्ज कर दिए 42 बोरा, एफआईआर

दिलीप कुमार यादव, वरिष्ठ पत्रकार

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दो बैग यूरिया देकर चढ़ाए 42 कट्टे
-क्षेत्रीय सहकारी समिति सींगापट्टी के सचिव ने किया 1018 बैग का घपला
-आवश्यक वस्तु अधिनियम में थाना मगोर्रा में जिला कृषि अधिकारी ने कराई एफआईआर

मथुरा। मगोर्रा थाना क्षेत्र सहकारी समिति एम.पैक्स.सींगापट्टी के सचिव द्वारा 26 किसानों के अंगूठे लगवा कर यूरिया खाद के 1018 कट्टों का

गोलमाल कर दिया। किसानों को दिया तो एक या दो कट्टा ही गया लेकिन उनके नाम पर 40 से 42 कट्टे चढ़ गए। सचिव के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3-7 के अन्तर्गत थाना मागोर्रा में 21 अगस्त को जिला कृषि अधिकारी द्वारा एफआईआर 266/2025 दर्ज कराई है‌।

सहकारी समिति एम.पैक्स. सींगापट्टी के सचिव रामवीर सिंह ने गत अगस्त में जैसे ही 20 किसानों को बेचे गये खाद का डाटा अपलोड किया चोरी पकड़ में आ गयी। उनके द्वारा 26 किसानों के नाम पर 40 से 42 बोरा यूरिया चढ़ा रखा था। इस तरह के घपलों पर सीधे भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय स्तर से निगरानी की जाती है और पकड़ में आते ही संबंधित राज्य और जिला स्तरीय अधिकारी को कार्यवाही को भेजा जाता है।
जैसे ही किसानों का डाटा अपलोड हुआ घपले की जानकारी अधिकारियों को हो गयी। जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने सहायक विकास अधिकारी कृषि गोवर्धन से स्थलीय जांच कराई। जांच में जरूरत से ज्यादा खाद पाने वाले किसानों से जब पूछा गया तो जांच अधिकारी भोंचक यह गये। सचिव द्वारा किसानों को दिए तो एक से दो-तीन बैग ही थे लेकिन पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवा कर 40 से 42 बैग चढ़ा दिए। इस तरह सचिव ने करीब 1018 बैग की गड़बड़ी कर दी। बताते चलें कि धान की फसल के लिए किसानों को 267 रुपए कि यूरिया बैग 400 तक में खरीदना पड़ा। साथ ही किसानों को यूरिया के साथ जिंक, जायम आदि सिमान जबरन लेना पड़ा। यह काम खाद बनाने वाली कंपनियों से शुरू होकर फुटकर विक्रेता तक किया गया। इसका असर आम किसान पर ही पड़ा।