मनोज चौधरी
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23 सितम्बर 2025
श्री महाराजा अग्रसेन जयंती 2025 के पावन अवसर पर, कल्याणं करोति, मथुरा द्वारा संचालित सम्बल विशेष विद्यालय में अध्ययनरत विशेष बच्चों के लिए नवरात्रि पर्व पर कन्या लांगुरिया पूजन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कल्याणं करोति, कल्याण धाम के प्रांगण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री गणेश जी और महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। विद्यालय के बच्चे उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उपस्थित थे। सम्बल विशेष विद्यालय बौद्धिक अक्षम, श्रवण बाधित और दृष्टि बाधित बच्चों की शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास हेतु कार्यरत है। यह विद्यालय इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
पूजन के दौरान बच्चों ने सामूहिक रूप से भाग लिया, जिससे कार्यक्रम में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल बन गया। बच्चों की सहजता, उत्साह और सहयोग को देखकर उपस्थित अतिथिगण भाव-विभोर हो उठे। पूजन के उपरांत बालिकाओं को सम्मानपूर्वक पूजन सामग्री, उपहार और प्रसाद वितरित किए गए।
मुख्य अतिथि डॉ. अशोक अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा, “सम्बल विद्यालय के बच्चों की स्थिति और उनके सपनों को देखकर यह स्पष्ट होता है कि समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ये बच्चे शिक्षा और जीवन में समान अवसर प्राप्त करें। समाज के अधिक से अधिक लोग इन बच्चों के साथ सहयोग करें, ताकि उन्हें स्वावलंबी बनने और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने का अवसर मिल सके।”
इस अवसर पर अनुराग मित्तल (जिला महामंत्री), श्री विनोद अग्रवाल, निखिल जैन (महानगर प्रभारी), बी.के. शुक्ला, आर.पी. प्रजापति, अभिषेक यादव, रविन्द्र सिंह, प्रधानाचार्य, सम्बल विषेष विद्यालय सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
विद्यालय प्रबंधन ने समाज से अपील की कि विशेष बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास के लिए आर्थिक और सामाजिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है। इस सहयोग से ही ये बच्चे आत्मनिर्भर बन सकते हैं और अपने जीवन में नए आयाम स्थापित कर सकते हैं। विद्यालय का उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक सदस्य को इस दिशा में भागीदार बनाया जाए ताकि किसी भी बच्चे को शिक्षा और विकास के अवसर से वंचित न रहना पड़े।
यह कार्यक्रम न केवल बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास को बढ़ाने का माध्यम बना, बल्कि समाज में विशेष बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित किया। उपस्थित गणमान्य और समाजसेवी इस बात से प्रभावित हुए कि इन बच्चों की साधारण जरूरतों के लिए भी समर्पित प्रयासों की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का समापन बच्चों और अतिथियों के बीच उत्साहवर्धक संवाद, उपहार वितरण और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस आयोजन ने स्पष्ट कर दिया कि समाज की भागीदारी और सहयोग के बिना विशेष बच्चों का कल्याण अधूरा है।








