श्रवण शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार
______________________
सभी कार्यक्रमों पर हुआ चिंतन, संयोजकों ने मेला को बेहतर बनाने का लिया संकल्प

मुख्यमंत्री के युवा सम्मेलन कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए बनाई गई रणनीति
श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर बनी मस्जिद को लेकर क्या बोले श्रद्धालु ?
दीनदयाल धाम में आयोजित पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव मेला भव्य और दिव्य होगा। चार दिवसीय मेला के संयोजक और सह संयोजक तय किए गए, प्रत्येक कार्यक्रम पर बिंदुवार चर्चा हुई। 19 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विराट युवा सम्मेलन को बेहतर बनाने की रणनीति भी तैयार की गई ।
स्मृति महोत्सव को लेकर बैठक का आयोजन पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुआ। समिति के संरक्षक भीकम चंद दुबे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में चार दिन के प्रत्येक कार्यक्रम पर बिंदुवार चर्चा हुई। सर्व व्यवस्था प्रमुख एडवोकेट नीरज गर्ग ने चारों दिन के कार्यक्रमों के आयोजन से जुड़ी रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रमों के बारे में बताया।
कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि पहले दिन कलश यात्रा, रंगोली प्रतियोगिता, मेला शुभारंभ हवन,विद्या मंदिर के विद्यार्थियों के रंगमंच कार्यक्रम और रसिया दंगल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दूसरे दिन जन्मोत्सव हवन, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, विराट युवा सम्मेलन और राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा।
जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष- दंगल संयोजक सुल्तान सिंह तरकर ने बताया कि तीसरे दिन गो पूजन एवं स्वस्थ्य गोवंश प्रतियोगिता, महिला लोकगीत प्रतियोगिता के अलावा कुश्ती दंगल का आयोजन किया जाएगा, रात को जिकड़ी भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
स्मारक निदेशक सोनपाल जी ने बताया कि चौथे दिन राष्ट्र निर्माण में नारी और उसका सर्वकालिक योगदान विषय पर गोष्ठी का आयोजन होगा, दोपहर को कुश्ती दंगल और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ मेला का समापन होगा। उन्होंने सभी कार्यक्रमों के संयोजकों से अपने-अपने कार्यक्रमों को भव्य और दिव्य बनाने के लिए प्रचार- प्रसार तेज करने को कहा।
बैठक में अशोक शर्मा, महीपाल सिंह, सुरेश तरकर, रीना सिंह, भद्रपाल सिंह, जगमोहन पाठक, चिंतामणि, पोहप सिंह, मानसिंह राणा, कमलेश चौहान, रामनरेश उपाध्याय, रविंद्र सिंह तरकर, भोला चौधरी, विनोद मास्टर, विजय पाठक, ओमप्रकाश शर्मा, राजदर्शन पचौरी, देवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन प्रधानाचार्य लोकेश्वर प्रताप सिंह ने किया ।








