मथुरा से अगवा की गई दो बालिकाओं में से एक का मिला इटावा में शव, दूसरी बेसुराग

मनोज चौधरी, मथुरा

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22 को गोकुल बैराज से हुई थी लापता, 29 को मिला था इटावा में शव और 10 को हुई शिनाख्त

थाना हाईवे क्षेत्र की दो कालोनियों  से 22 अगस्त को थाना महावन क्षेत्र में गोकुल बैराज से अगवा की गई दो बालिकाओं में से एक का शव इटावा में 29 अगस्त को मिल था, लेकिन यह जानकारी पीड़ित परिवार को आज हुई। पीड़ित परिवार के एक सगे संबंधी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वह इटावा के लिए रवाना हो गए। दूसरी बालिका का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। उन्होंने बताया कि बालिका के कुछ शरीर के कपड़े भी अस्त व्यस्त थे।

पीड़ित  सवाल उठा रहे हैं कि पुलिस का एक ही जोन में बालिका के शव की पहचान करने में 12 दिन का समय लग गया।

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गोकुल बैराज के निकट एक पार्क से रहस्यमय ढंग से हुई थीं लापता

पुलिस की चार टीमें तालाश में जुटी, आधा दर्जन युवकों से की जा चुकी पूछताक्ष

-परिजन भी भटक रहे दिनरात, घर में छाई खामोशी

मनोज चौधरी, मथुरा

एक सप्ताह पहले थाना महावन के हल्का गोकुल बैराज के निकट पार्क से रहस्यमय ढंग से लापता हो गईं दो बालिकाओं का सुराग इंटरनेट के सोशल प्लेटफार्म पर आकर अटक गया। जिस प्लेटफार्म से पुलिस को इस सनसनी खेज घटना की गुत्थी सुलझाने का पथ मिलने की उम्मीद है, उसका डाटा अभी तक जांच टीमों को उपलब्ध नहीं हो सका है। जांच में लगी पुलिस की चारों टीमें शक के दायरे में आए आधा दर्जन युवकों से कई कई घंटे की अलग लग पूछताछ भी कर चुकी है। पर अभी तक कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग पाया, जिससे दोनों बालिकाओं को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया जा सके। हालांकि पुलिस पीड़ित दोनों परिवारों को जल्द बालिकाओं के मिलने का आश्वासन दे रही है।
थाना हाईवे क्षेत्र की अलग अलग कालोनियों की दो हमउम्र बालिका कोचिंग सेंटर के लिए जाने की कहकर एक स्कूटी पर सवार होकर निकली थीं। तेरह चौदह वर्षीय दोनों बालिका जिस स्कूटी पर गईं थी। वह पिछले शुक्रवार को थाना महावन क्षेत्र में गोकुल बैराज के पास एक पार्क के किनारे लावारिश हालत में मिली थी। छानबीन के दौरान यहां के सुरक्षा गार्ड ने पुलिस और बालिकाओं के स्वजन को बताया था कि दोनों एक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर यहां से गई है। हैरान करने वाली खास बात यह है कि जिस मार्ग की जानकारी पुलिस को गार्ड ने दी, वह मार्ग यमुना किनारे कुछ दूरी पर जाने के बाद बंद हो जाता है। आगे जाने का कोई रास्ता वहां नहीं है। इधर पुलिस की टीमों ने नदी के दोनों किनारे के मकान और दुकान के सीसीटीवी कैमरे देख लिए हैं , पर पुलिस टीमों को एक मोटरसाइकिल पर दो हमउम्र बालिकाओं को ले जाते हुए युवक रमणरेती, महावन, लक्ष्मी नगर और औरंगाबाद की ओर आते-जाते नजर नहीं आया है। इनके अलावा कोई अन्य मार्ग गोकुल गांव से बाहर निकलने का नहीं है। नदी में भी नाव नहीं चल रही हैं। इसके अलावा अन्य कोई दूसरा सुराग नहीं मिल पाया है। सुराग मिलने का पुलिस अब एक ही स्रोत मान रही है ।वह है इंटरनेट के सोशल प्लेटफार्म। इनमें वॉट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम शामिल हैं। इनका डाटा अभी पुलिस को मिल नहीं पाया है।

एसपी ग्रामीण सुरेश रावत कहते हैं कि सर्विलांस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, थाना महावन और बलदेव थाने की पुलिस दोनों बालिकाओं की तलाश में लगी है। संदिग्ध और शक के दायरे में युवकों से भी पूछ्ताक्ष की जा चुकी है। इंटरनेट की कुछ सोशल साइट्स का डाटा प्राप्त होते ही जांच में तेजी आ जाएगी। शीघ्र ही बालिकाएं बरामद कर ली जाएंगी। उधर, परिजन लगातार जांच अधिकारियों के संपर्क में है। वह भी अपनी अपनी बेटी की तलाश में दिन रात एक किए हुए हैं। उनकी रातों की नींद और दिन का सुकून छिन गया है।