मथुरा में मुबारिक बेच रहा था स्लो पॉइजन

मथुरा 30 जुलाई 2025

भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि पर कोसीकलां थाने के इलाके में गाँव सिरैला का रहने वाला मुबारिक आम आदमी के जीवन के साथ एक घिनौना खेल खुल कर खेल रहा था। एक सोची समझी साजिश के तहत उसने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश भी अपने संस्थान का नाम ब्रजवासी के नाम पर रख लिया।

जांच करते खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी

दुग्ध उत्पाद बेचने के लिए मुबारिक ने बृजवासी डेयरी के नाम से गोपाल बाग क्षेत्र में करीब एक वर्ष पहले अपना प्रतिष्ठान खोला था। बकायदा, मुबारिक ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के स्थानीय कार्यालय से  दुग्ध उत्पादों की बिक्री करने का भी लाइसेंस लिया था। तीन महीने पहले जब विभागीय अधिकारियों ने दबिश देकर दुग्ध उत्पादों की जांच के लिए जो नमूना लिए थे, उनकी रिपोर्ट सतेंद्र आई थी। विभाग की नजरों में में ईमानदारी से कारोबार करने का साक्ष्य दे करके उसने अपने इरादों को अंजाम देना शुरू कर दिया। इधर, मुबारिक ने लाइसेंस का उसने नवीनीकरण नहीं कराया और अपने इरादों को अंजाम देना आरंभ कर दिया। स्किम्ड मिल्क पावडर, रिफाइंड  पामोलीन ऑयल और सफेद घोल का इस्तेमाल करके मुबारिक ने पनीर का निर्माण कर कर उसे बजार में बिक्री के लिए उतारने का घिनौना खेल खेलना शुरू कर दिया। मुबारिक दुग्ध उत्पाद की आड़ में जिस पनीर को बाजार में बेच रहा था, दरअसल वह स्लो पॉइजन ही था। जो मानव जीवन के लिए एक न दिन घातक साबित होता। आम आदमी के ये पनीर हृदय समेत कई गंभीर रोगों का कारण बन सकता था।

इसकी भनक लगने पर धीरेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त (खाद्य), जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ज्ञान पाल सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी दलवीर सिंह, जितेन्द्र सिंह खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने संयुक्त टीम ने गांव सिरैला निवासी मुबारिक की बृजवासी डेयरी पर छापा मारा। यहां से 600 किलोग्राम (छह कुंतल ) पनीर, 60 लीटर रिफाइंड पामोलिन तेल, 100 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पावडर बरामद किया। इन्हीं को मिलाकर मुबारिक लोगों के लिए पनीर के रूप में धीमा जहर बेचने का कार्य कर रहा था। विभाग ने जारी किए प्रेस नोट में कहा गया है कि उसके खिलाफ थाना कोसीकलां में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

पत्रकार मनोज चौधरी