बरसते अंगारों में निकले किसानों की धमकी से हिला प्रशासन

बरसते अंगारों में निकले किसानों की धमकी से हिला प्रशासन

मथुरा में बिजली न पानी, संकट में किसान-किसानी

भाकियू (अराजनैतिक) का अव्यवस्था के खिलाफ अभूतपूर्व प्रदर्शन

मथुरा:   बिजली की अंधाधुंध कटौती। सींच के लिए नहरों में पानी की कमी।  भीषण गर्मी से खेतों में सूखती फसल और जमीन में पड़ रही बड़ी- बड़ी दरार देख शुक्रवार को आसमान से बरसते अंगारों के बीच एकजुट होकर निकले किसानों ने अफसरों को धमकी दी कि एक महीने के भीतर में व्यवस्थाओं में सुधार न किया गया तो जिला मुख्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के आगरा मंडल के अध्यक्ष राजकुमार तोमर के आह्वान पर किसानों ने सदर, मांट, छाता, गोर्वधन और महावन तहसील मुख्यालय पर किए गए शक्ति प्रदर्शन ने इसके साफ संकेत भी जिला प्रशासन को दे दिए गए हैं। यूनियन के आगरा मंडल उपाध्यक्ष मुकेश सिंह रावत के नेतृत्व में संगठन के नेता और किसान बड़ी संख्या में पांचों तहसील मुख्यालयों पर ट्रैक्टर ट्राली समेत अन्य वाहनों से सुबह से ही पहुंचने लगे। आग उगल रहीं सूरज की किरणों की असहनीय मार को सहन करते हुए इकठ्ठा होने लगे। मध्यान्ह तक तहसील मुख्यालयों पर बड़ी संख्या में किसानों ने अफसरों को अपनी शक्ति का अहसास कराया। संगठन के नेताओं और किसानों ने कहा कि किसानों को अफसर अपनी मनमानी कार्यशैली से संकट में डाल रहे हैं। उनके इस रवैया के कारण ही 18 वीं लोकसभा चुनावों में भाजपा को उत्तर प्रदेश में बड़ा झटका लगा है। अगर अफसरों ने अपना रवैया न बदला तो अब उनको भी तगड़ा ही झटका लगने वाला है। किसानों की समस्यायों का जिक्र करते हुए यूनियन के नेताओं ने तहसील मुख्यालयों पर अपनी मांगों को लेकर किए गए प्रदर्शन के दौरान कहा कि भीषण गर्मी का दौर है। खेतों में कपास, दलहनी और चारे की फसलें सूख रही हैं। भूमि में दरार पड़ने लगी है। फसलों को बचाने के लिए नहर बंबा में पानी नहीं है। विद्युत निगम अंधाधुंध बिजली कटौती कर रहा है। ट्यूबवेल का संचालन नहीं हो पा रहा है। सिंचाई नहीं हो पा रही है। जन जीवन बेहाल है। आने वाले समय में धान की नर्सरी डाली जानी है और ऐसे हालत में किसानों को भरपूर सींच के लिए नहरी जल और नियमित बिजली न मिली तो किसान खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की समय और रोपाई नहीं कर पाएंगे। ऐसी स्थिति का अगर किसानों को सामना करना पड़ा तो यूनियन का एक महीने बाद जो आंदोलन होगा। उसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई देगी। हालांकि यूनियन ने आंदोलन की रणनीति के अपने पत्ते नहीं खोले, पर यमुना एक्सप्रेस वे और नेशनल हाईवे तक पर कब्जे करने का इतिहास यूनियन का रहा है। यह भी यूनियन के नेताओं ने जिला प्रशासन को समझा दिया। कहा कि किसानों की समस्याओं की अनदेखी करना अफसरों को भरी पड़ जाएगा। निचली मांट ब्रांच खंड गंग नहर में पानी की कम उपलब्धता का भी मुद्दा उठाया और कहा कि गंगा परियोजना की सड़कों की बदहाली को जल्द दूर किया जाए और साथ ही कार्यदाई संस्थाओं के खिलाफ भी कार्रवाई करने की जोरदार मांग उठाई गई। किसानों ने प्रशासन को यह भी अगाह किया किया कि किसी भी गांव में गंगा परियोजना के कार्य नहीं करने दिए जाएंगे। मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर ने बताया कि यह प्रदर्शन प्रशासन को अलर्ट करने के लिए किया गया है। इसके बाद भी प्रशासन अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं करता है तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए अधिकारियों को तैयार रहना होगा। मंडल उपाध्यक्ष मुकेश रावत और जिलाध्यक्ष सोनवीर सिंह ने कहा कि मथुरा जिले में वर्षा से भारी जलभराव हो जाता है। पानी की निकासी न होने से फसल सड़ गल जाती हैं और जन मानस को भी जलभराव से पैदा होने वाली बीमारियों का दंश झेलना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों की जनता ज्यादा प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि हाहाकार की स्थिति जिले उत्पन्न न इसलिए बरसाती पानी की निकासी के लिए नालों और ड्रेनों की तली झाड़ सफाई कराई जाए। आवारा पशुओं से होने वाले फसलों के नुकसान के मामले को उठाते हुए किसानों यहां तक कह दिया कि अबकी बार आवारा पशुओं को पकड़ किसान अफसरों के सरकारी बंगलों के सामने बांध देंगे। उनका कहना था कि आवारा पशुओं कि समस्या का हल करने का दायित्व राज्य सरकार ने नौकरशाहों को सौंपा है। विकास खंड बलदेव के गांव अवेरनी के किसानों की एक साल से डीड न चढ़ाने का भी मुद्दा उठाया और यूनियन के नेताओं ने कहा कि क्षेत्र में विद्युत वितरण के लिए और सब स्टेशन स्थापित किए जाएं। इसके साथ ही महावन तहसील के एडीएम के पेशकार को भी हटाने की मांग की गई और कहा गया कि इन सभी समस्याओं के हाल के लिए प्रशासन को एक महीने का समय दिया जा रहा है। इस समय अवधि में सुधार नहीं हुआ तो फिर किसानों कोप को अफसर झेल नहीं पाएंगे। सभी उपजिलाधिकारियों को इस मौके पर किसानों को मांग को लेकर ज्ञापन भी दिया गया।

इन्होंने की अगुवाई

तहसील मुख्यालयों पर आज हुए किसानों के प्रदर्शन का नेतृत्व तहसील अध्यक्षों ने किया। तहसील मांट में योगेश कुमार, सदर तहसील में भगवान सिंह, महावन में मुकेश प्रधान, गोर्वधन में राधेश्याम कुंतल और छाता में धर्मेंद्र चौधरी ने किसानों की अगुवाई की। डॉक्टर संदीप छौंकर, अवधेश रावत, लाल सिंह तोमर, देवेंद्र रघुवंशी और उदयवीर सिंह सरपंच को प्रदर्शन की सफलता के लिए अलग अलग तहसीलों का प्रभारी भी नियुक्त किया गया।

बिना कहे ही बहुत कुछ कर गया इशारा

संगठन के नेताओं के बीच अद्भुत तालमेल और किसानों की एकजुटता राजनीतिक हलकों में बहुत कुछ बिना कहे ही कह गई। हाल ही में आए लोकसभा चुनावों के परिणाम में भाजपा के गिरे जनाधार के लिए जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को भी किसानों का यह आंदोलन आगाह कर गया। उत्तर प्रदेश  सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार किसान और खेतिहार मजूदरों के सामने आ रही दिक्कतों को लेकर जनप्रतिनिधियों की अनदेखी उनके लिए आगामी समय में भारी पड़ सकती है। क्योंकि इस प्रदर्शन की रिपोर्ट संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश चौहान को भी भेजी गई है। मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के माध्यम से किसानों की इस समस्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवश्यकता हुई तो मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करके साक्ष्यों के साथ जिले की वास्तविक तस्वीर भी पेश की जाएगी।