महिला के कत्ल में सात को जेल में काटनी होगी जिंदगी, न्यायालय ने सुनाया आजीवन कारावास

 

-अदालत ने 6 दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया
-एक दोषी पर अदालत ने लगाया 40 हजार रुपये का अर्थदण्ड
-एक आरोपी की मुकदमे की सुनवाई के दौरान हो चुकी है मौत
मथुरा, पुरानी रंजिश को लेकर हुई महिला की हत्या के सात दोषियों को एडीजे चतुर्थ डा. पल्ल्वी अग्रवाल ने आजीवन करावास की सजा से दण्डित किया है। अदालत ने 6 दोषियों पर 50-50 हजार रुपये व एक पर 40 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया है। हत्या की वारदात वर्ष 2008 में बलदेव थाना क्षेत्र के ग्राम सेलखेड़ा हुई थी। एक आरोपी की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। शासन की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता हेमेन्द्र भारद्वाज द्वारा की गई।
बलदेव थाना क्षेत्र के ग्राम सेलखेड़ा में पुरानी रंजिश को लेकर 1 अक्तूबर 2008 की सुबह 7 बजे धर्मवती की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की इस वारदात की रिपोर्ट रनवीर सिंह पुत्र गजराज निवासी ग्राम सेलखेड़ा ने गांव के ही जगदीश पुत्र खेमचंद, जगदीश सिंह पुत्र भाव सिंह जाट, भूरा सिंह पुत्र एदल सिंह, हरिप्रसाद पुत्र गुलाब सिंह, इंद्रजीत सिंह पुत्र नाहर सिंह, सुखराम सिंह पुत्र भाव सिंह, प्रेम सिंह पुत्र भगवान सिंह जाट व धर्मेन्द्र कुमार सिंह पुत्र राजन सिंह जाट के खिलाफ बलदेव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान जगदीश पुत्र खेमचंद की मौत हो गई।
एडीजीस हेमेन्द्र भारद्वाज ने बताया कि अदालत ने जगदीश पुत्र भाव सिंह जाट, भूरा सिंह, हरिप्रसाद, इंद्रजीत सिंह, सुखराम सिंह, प्रेमसिंह व धर्मेन्द्र कुमार सिंह को धर्मवती की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया है। अदालत ने 6 अभियुक्तों को हत्या के साथ साथ अवैध असलाह रखने का भी दोषी करार देते हुए सभी पर 50-50 हजार रुपये अर्थदण्ड लगाया है। वहीं एक अभियुक्त सुखराम पर अदालत ने 40 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया है। सभी अभियुक्त जमानत पर थे। निर्णय सुनाए जाने के बाद अदालत ने सभी का सजाई वारंट बना उन्हें सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया है। एक आरोपी जगदीश पुत्र खेमचंद की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।