नगर निगम पढ़वा रहा मथुरा-वृंदावन वासियों को 1325 ईस्वी के शासक मुहम्मद बिन तुगलक जैसा एक फरमान
DOC-20240307-WA0122
मथुरा: लगता है कि 1325 ईस्वी के लगभग दिल्ली में शासक रहे मुहम्मद बिन तुगलक के फरमान जारी करने की परिपाटी लगता है आज भी चली आ रही है। नगर निगम इन दिनों मथुरा वृंदावन वासियों को भी इन दिनों एक ऐसा ही फरमान पढ़वा रहा है। वह भी उन लोगों को जो नगर निगम कार्यालय से जन्म-मृत्यु का सर्टिफिकेट मांग रहे हैं। 21 फरवरी 2024 को जारी किए गए इस आदेश पर अपर नगर आयुक्त के हस्ताक्षर है। इसमें कहा गया है कि
” संज्ञान में आया है कि जन्म-मृत्यु के प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन कार्यालय में प्राप्त होते है। उनमें डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के यूजर चार्ज की रसीद कटवाने के लिए उनको सबंधित वार्ड के यूजर चार्ज वसूली कर्ता के पास भेजना पड़ता है। इस कारण प्रमाण पत्र जारी करने में विलंब हो रहा है। जिस कारण शहर की जनता परेशान होती है।
अतः उपरोक्त के दृष्टिगत रखते हुए इंद्रपाल सिंह को आदेशित किया जाता है कि जन्म-मृत्यु कार्यालय में आने वाले आवेदन फर्मों की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 और नगर निगम मथुरा वृंदावन की उपविधि-2017 के प्रविधानो के अंतर्गत यूजर चार्ज की रसीद काटने के साथ-साथ सबंधित वार्ड वसूली कर्ता के रजिस्टर में उक्त धनराशि दर्ज करना भी सुनिश्चित करेंगे।”
आदेश का अर्थ बिल्कुल स्पष्ट है कि जन्म-मृत्यु का प्रमाण पत्र जारी तभी होगा, जब आवेदक यूजर चार्ज की रसीद देगा।
मगर , सवाल यह है कि, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन तो हर घर से नहीं हो रहा है। दूसरी बार निगम की सीमा के विस्तार में शामिल क्षेत्र की कई बस्तियों में सफाई की व्यवस्था तक अभी तक ठीक से नहीं हो पाई है, उन क्षेत्र की आबादी के घर-घर से कूड़ा एकत्र करने की बात तो बहुत दूर की है। उनके सामने भी अब यही आदेश जन्म मृत्यु कार्यालय में पढ़ने के लिए रखा जा रहा है।
वार्ड 37 के पार्षद राजीव सिंह ने इस पर एतराज जताया है और नगर आयुक्त शशांक चौधरी से इसे निरस्त करने की मांग की है।
नगर आयुक्त शशांक चौधरी ने इस संबंध में बताया कि, आदेश में थोड़ा कन्फ्यूजन है। सोमावार को कार्यालय खुलने पर इसको दूर करा दिया जाएगा। व्यवस्था यह की गई है कि अब यूजर चार्ज की रसीद नगर निगम के कार्यालय से भी प्राप्त की जा सकती है।








