सिम कार्ड पोर्ट कराने में ही ग्राहक के आधार कार्ड पर प्राप्त करने वाले बरेली के गिरोह के तीनों शातिर भेजे जेल

सिम कार्ड पोर्ट कराने में ही ग्राहक के आधार कार्ड पर प्राप्त करने वाले बरेली के गिरोह के तीनों शातिर भेजे जेल
-खरीदारों के नाम बताए पर, नहीं बता सके पता ठिकाना
-304 सिम कार्ड किए बरामद, अन्य की तलाश जारी
मथुरा

राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की सीमा से लगे इलाके के साइबर अपराधियों के लिए सिम कार्ड की आपूर्ति करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को आज थाना गोवर्धन पुलिस ने जेल भेज दिया। तीनों ही बरेली के रहने वाले हैं। ये पोर्ट कराने के दौरान केवाईसी और डिकेवाईसी कर ग्राहक के आधार कार्ड पर फर्जी तरीके से सिमकार्ड लेकर साइबर अपराधियों को ऊंची रकम में बेचते थे। इसी वर्ष जनवरी में इन्होंने एक सैकड़ा से अधिक सिम कार्ड यहां के अपराधियों को बेची थी। जो अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। उनकी तलाश जारी है।
थाना गोवर्धन पुलिस ने 304 सिम कार्ड के साथ स्थानीय सकरवा बाई पास चौराहा से विजय गंगवार पुत्र खेमकरन निवासी मुङिया तेली थाना नबाव गंज, बरेली, करन गंगवार पुत्र रमेश गंगवार निवासी मुङिया तेली थाना नबावगंज बरेली और शिवम मिश्रा पुत्र रजनीश मिश्रा निवासी बोहर नगला थाना नबाव गंज बरेली को गिरफ्तार किया है। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि थाना गोवर्धन प्रभारी विनोद बाबू मिश्र और सब इंस्पेक्टर अनुज तिवारी की टीम ने जिस गिरोह को गिरफ्तार किया है, वह अपने-अपने क्षेत्र में जियो व वीआई में सिम पोर्ट कराने का काम करते थे। पूछताछ में मालूम हुआ है कि, इनके ताल्लुक राजस्थान के कुछ गांवों के साइबर अपराधियों से थे। इनके लिए ये फर्जी नाम पते की सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे। तीनों सिमकार्ड पोर्ट कराने के नाम पर कस्टूमरों को गुमराह कर उनकी ई केवाईसी कराकर एक सिम उनको दे देते हैं, तथा एक सिम उनका आधार कार्ड पुनः लगवाकर डी-केवाईसी के माध्यम से एक्टीवेट करा लेते हैं । तथा अभियुक्तगण लोगो के फर्जी आधार कार्ड तैयार कर उन्हें असली के रुप में प्रयोग कर उनसे भी फर्जी सिमकार्ड प्राप्त कर लेते हैं । फर्जी आधार कार्ड व डी केवाईसी के माध्यम से धोखाधड़ी कर उनके नाम की फर्जी सिम प्राप्त कर कामा राजस्थान व आसपास के क्षेत्रों में साइबर अपराध में लिप्त अपराधीगण को 1500 से 2000 रुपये प्रति सिम के हिसाब से बेच देते हैं ।

-इनको बेचे थे सिम कार्ड: 110 सिम कार्ड एक्टिवेटिड सिमकार्ड यूनुस और 100 सिमकार्ड इरफान और नियाजू को इसी वर्ष जनवरी में 1500 से लेकर 2000 रुपये तक मे बेचे थे। यूनिस, इरफान और नियाजू से तीनों ने सोशल साइट्स और वट्सएप के जरिये संपर्क किया था। पूछताछ में गिरफ्तार किए गए तीनों खरीदारों का पता ठिकाना नहीं बता सके। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।