गांव की चौपाल पर श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को भरी हुंकार, गांव गांव पारित होंगे प्रस्ताव

नगरी की चौपाल पर मंदिर निर्माण के समर्थन में कई गांवों की पंचायत का प्रस्ताव पारित

महेंद्र प्रताप सिंह ने मंच से किया आह्वान 

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर अब गांव-गांव से प्रस्ताव जुटाने की पहल शुरू करने का आह्वान किया गया है। रविवार को नगरी गांव की चौपाल पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के आह्वान पर हुई पंचायत में मूल गर्भगृह स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर निर्माण के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया गया। पंचायत में आसपास के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने भी अपने-अपने गांव में प्रस्ताव पारित कर न्यास को भेजने की बात कही।

पंचायत में श्री कृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद केस के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की लड़ाई किसी नई अथवा वैकल्पिक भूमि की मांग को लेकर नहीं है। उनका कहना है कि हिंदू पक्ष की मांग भगवान श्रीकृष्ण के मूल गर्भगृह स्थल को लेकर है और उसी स्थान पर भव्य मंदिर निर्माण का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने चौपाल में ग्रामीणों से पूछा कि कितने लोग श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के दर्शन कर चुके हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हाथ उठाकर जवाब दिया। इसके बाद उन्होंने मंदिर के समीप स्थित मस्जिद को देखने के संबंध में भी सवाल किया।

महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि ऐतिहासिक साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर मूल गर्भगृह स्थल को लेकर न्यायालय में कानूनी लड़ाई चल रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और समझौते के प्रयास भी आगे नहीं बढ़ सके हैं।

उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि गांव-गांव में पंचायत कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल पर मंदिर निर्माण के समर्थन में प्रस्ताव पारित किए जाएं और इन प्रस्तावों को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास को भेजा जाए।

मंदिर निर्माण के सवाल पर उठे दोनों हाथ

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महेंद्र प्रताप सिंह ने पंचायत में मौजूद लोगों से पूछा कि भगवान श्रीकृष्ण के मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए या नहीं। इस पर श्रद्धालुओं ने दोनों हाथ उठाकर अपनी सहमति जताई। इसके बाद चौपाल तालियों से गूंज उठी।

उन्होंने कहा कि जन्मभूमि के विषय में ऐतिहासिक सामग्री और दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय में पक्ष रखा जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया। चिंतामणि कुंज वृंदावन के महामंडलेश्वर डॉ. आदित्यानंद जी महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विषय में हिंदू समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीणों से एक प्रतिनिधिमंडल श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के दर्शन के लिए ले जाने और भगवान श्रीकृष्ण से उनके मूल गर्भगृह स्थल पर पुनः आने की प्रार्थना करने का आह्वान किया।

श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

वृंदावन के संत श्री श्यामानंद जी महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े इतिहास को समाज के सामने रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के प्रयास में ग्रामीणों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

युवा और ग्रामीणों ने जताया समर्थन

गृहणी कृष्णा ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए। सेना से सेवानिवृत्त पूरन सिंह ने मंदिर निर्माण के प्रयास में ग्रामीणों के साथ होने की बात कही।

युवा मनीष देशवाल ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विषय को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने की आवश्यकता है। बुजुर्ग भूरा प्रधान ने महेंद्र प्रताप सिंह का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि गांव का बच्चा-बच्चा उनके साथ है और जरूरत पड़ने पर पूरा गांव एक आवाज पर खड़ा होगा।

अंत में महेंद्र प्रताप सिंह ने ग्रामीणों को मंदिर निर्माण और सनातन की रक्षा के लिए शपथ दिलाई।

पंचायत में रामपुर, उमरी, ऊंचागांव समेत आसपास के गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। संचालन गोकुल सिंह प्रधान ने किया। इस अवसर पर सूरजमल, ब्रज किशोर, गोपाल, श्याम सिंह, भूरी सिंह, जगवीर सिंह, भीम सिंह, प्रताप सिंह, रामवीर सिंह, दरियाब सिंह, रामभरोसी, कल्याण सिंह, मंगल प्रधान, बच्चू सिंह, भीम सिंह धरमपुरा, गीता, मुनेश, पुष्पा, ओमवती, सुमन, शिवदेवी, उर्मिला प्रधान, सावित्री समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।