संतान सप्तमी पर ग्रहों का विशेष संयोग, क्या बरते सावधानी और उपाय
मथुरा। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की संतान सप्तमी और दुर्वाष्टमी के अवसर पर 18 सितंबर को सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग बनने का ज्योतिषीय संयोग बताया जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार इस योग का विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ सकता है। दिन में भद्रा रहने के कारण नए कार्य की शुरुआत से पहले भगवान श्री राधा-माधव और गणेशजी का स्मरण करने की सलाह दी गई है।

मेष राशि वालों के लिए पारिवारिक सुख और मान-सम्मान के योग हैं। वृषभ राशि वालों का रुझान आध्यात्म और यात्रा की ओर बढ़ सकता है। मिथुन राशि वालों को शुभ समाचार और धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। कर्क राशि वालों के लिए शिक्षा और करियर में नए अवसर बन सकते हैं।
सिंह राशि वालों के आत्मविश्वास और आय में वृद्धि के संकेत हैं, जबकि कन्या राशि में बुधादित्य योग को ज्ञान और आर्थिक प्रगति से जोड़ा गया है। तुला राशि वालों को करियर और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। वृश्चिक राशि वालों को पुरानी परेशानियों से राहत और रुके धन की प्राप्ति के योग बताए गए हैं।
अन्य राशियों में धनु के लिए सकारात्मक बदलाव, मकर के लिए नई जिम्मेदारियां, कुंभ के लिए संयम और सतर्कता तथा मीन राशि वालों के लिए संतान पक्ष से शुभ समाचार के संकेत बताए गए हैं।
ज्योतिष के जानकार एवं ब्रज सेवा यात्रा कर रहे संत श्री श्यामानंद जी महाराज ने कहा कि ग्रहों और राशियों का प्रभाव मनुष्य के कर्मों के अनुरूप फल देता है। उन्होंने संतान सप्तमी पर बच्चों को धर्म और संस्कारों से जोड़ने तथा नियमित रूप से ‘हरे कृष्ण हरे राम ’ “राधे राधे” नाम का जाप करने की बात कही। उन्होंने कहा कि संतोष और ठाकुरजी की भक्ति जीवन का सबसे बड़ा धन है।







