Radha Ashtami 2026: राधा रानी के चरणों में 19 सितंबर को झुकेंगे अनगिनत सिर

ब्रह्मांचल पर्वत के शिखर पर विराजेंगी लाडली जी, चित्रकारी और रोशनी से सज रहा पूरा बरसाना; 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

मथुरा/बरसाना। 19 सितंबर को बरसाना में केवल राधाष्टमी नहीं होगी, बल्कि पूरा धाम राधारानी की भक्ति में डूबा दिखाई देगा। ब्रह्मांचल पर्वत के शिखर पर विराजमान लाडली जी के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने की संभावना है। सुबह की पहली किरण से लेकर देर शाम तक बरसाना की पहाड़ियों और गलियों में ‘राधे-राधे’ की गूंज सुनाई देगी। राधारानी के चरणों में अनगिनत सिर झुकेंगे और ब्रज की इस नगरी में आस्था का विराट दृश्य आकार लेगा।

बरसाना में व्यवस्थाओं का जायजा लेते डीएम चंद्र प्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार और साथ में ips सुरेश रावत

बरसाना की पहचान ही उसकी पहाड़ियों, गलियों और लाडली जी के मंदिर से है। ऊंचे ब्रह्मांचल पर्वत पर बना राधारानी मंदिर दूर से ही बरसाना का माथा दिखाई देता है। राधाष्टमी पर इसी शिखर की ओर उठती श्रद्धालुओं की निगाहें और मंदिर तक पहुंचती भक्तों की कतारें इस पर्व की सबसे अलग तस्वीर बनाती हैं। मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को लेकर भी देशभर में विशेष आस्था है।

इस बार प्रशासनिक तैयारियों के साथ बरसाना को नया रूप देने की कवायद भी चल रही है। प्रमुख मार्गों और दीवारों पर चित्रकारी, वॉल पेंटिंग, फसाड लाइटिंग और सजावट के जरिए पूरे कस्बे का सौंदर्य निखारा जा रहा है। यानी राधाष्टमी पर यहां आने वाला श्रद्धालु केवल मंदिर तक नहीं पहुंचेगा, बल्कि रास्ते भर उसे रंगों, रोशनी और ब्रज संस्कृति की झलक दिखाई देगी।

राधाष्टमी पर इस बार करीब 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर में दो प्रमुख प्रवेश द्वार बनाए गए हैं और दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की निकासी के लिए अलग मार्ग की व्यवस्था की गई है। 17 सितंबर की रात से बरसाना में वाहनों का प्रवेश रोकने की तैयारी है, ताकि पर्व के दौरान बाहरी वाहनों का दबाव कम रखा जा सके।

सात जोन, 20 सेक्टर और 155 कैमरों की नजर

प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को सात जोन और 20 सेक्टर में बांटा है। 38 होल्डिंग एरिया, 50 पार्किंग स्थल, 88 बैरियर, 14 बैरिकेडिंग और छह वॉच टावर तैयार किए जा रहे हैं। मेला क्षेत्र में कुल 155 CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी। 12 गोताखोर और एक नाव भी तैनात रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 35 पानी के टैंकर और 30 मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की जा रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 12 स्थानों पर मेडिकल टीम और स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। एंबुलेंस, बाइक एंबुलेंस और नजदीकी अस्पतालों की मैपिंग के साथ एंटी-वेनम दवा की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीएम बोले—श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होनी चाहिए

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राधाष्टमी से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। उन्होंने सड़कों को गड्ढामुक्त करने, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और खाद्य पदार्थों की जांच पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उनका स्पष्ट निर्देश है कि बरसाना आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों, दर्शनार्थियों और परिक्रमार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

डीएम ने पूरे मेला क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाने के निर्देश देते हुए लाइटिंग के साथ कपड़े की सजावट, वॉल पेंटिंग और फसाड लाइटिंग कराने को कहा है। साथ ही जर्जर मकानों, दुकानों, होटलों और धर्मशालाओं को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

एसएसपी बोले—सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। CCTV कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी, पीए सिस्टम से निरंतर अनाउंसमेंट और भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों और शरारती तत्वों पर भी नजर रखी जाएगी।

एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार करने के निर्देश देते हुए कहा है कि सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा भी प्राथमिकता में रहे। भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

160 बसें पहुंचाएंगी श्रद्धालुओं को बरसाना

श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम ने भी व्यापक तैयारी की है। 18 और 19 सितंबर को 160 बसों का संचालन किया जाएगा, जबकि 40 बसें रिजर्व रखी जाएंगी। इससे बरसाना पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

राधाष्टमी के दिन सुबह लाडली जी के जन्मोत्सव और विशेष अभिषेक के साथ बरसाना का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय होगा। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के अनुसार 19 सितंबर को लाडली जी मंदिर में राधारानी के विग्रह का अभिषेक होगा और शाम को सफेद छतरी पर दर्शन होंगे।

बरसाना में इस समय तैयारियां सिर्फ सड़कों और व्यवस्थाओं की नहीं, बल्कि उस दृश्य की हैं जिसका इंतजार ब्रज को पूरे वर्ष रहता है। ब्रह्मांचल पर्वत पर चमकता लाडली जी का मंदिर, नीचे रंगों से सजा बरसाना, गलियों में गूंजता राधे-राधे और दर्शन की प्रतीक्षा में खड़ी श्रद्धालुओं की कतारें—19 सितंबर को यही बरसाना की सबसे बड़ी तस्वीर होगी।

राधारानी के जन्मोत्सव पर ब्रज की इस नगरी में आस्था सिर चढ़कर बोलेगी और ब्रह्मांचल की चोटी पर विराजमान लाडली जी के चरणों में अनगिनत सिर श्रद्धा से झुकेंगे।