आकाश में साकार हुईं कन्हैया की लीलाएं, श्रद्धालु रह गए चकित

 

 

पहली बार जन्माष्टमी पर मथुरा में हुआ ड्रोन शो, यशोदा की गोद से लेकर माखन चोरी और बांसुरी बजाते कृष्ण तक दिखे मनोहारी दृश्य

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उल्लास में डूबी कृष्णनगरी में पहली बार आयोजित ड्रोन शो ने श्रद्धालुओं को रोमांचित कर दिया। आसमान में जब भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं और विभिन्न स्वरूप साकार हुए तो हजारों श्रद्धालुओं की निगाहें आसमान पर टिक गईं। करीब 500 ड्रोन की मदद से तैयार किए गए इन मनोहारी दृश्यों ने जन्मोत्सव के उल्लास में चार चांद लगा दिए।

भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला भूमि मथुरा में पिछले तीन दिनों से जन्माष्टमी का उत्सव चरम पर है। देशभर से आए श्रद्धालुओं के साथ ही ब्रजवासियों में भी कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर जबरदस्त उत्साह है। इसी उत्साह को नई ऊंचाई देने के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से पहली बार ड्रोन शो आयोजित किया गया।

श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को लेकर क्या बोले हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

 

शाम से ही श्रद्धालु ड्रोन शो देखने के लिए उत्सुकता से आसमान की ओर निहारते रहे। हालांकि, बारिश के चलते आयोजन में देरी हुई और श्रद्धालुओं को करीब रात 11:30 बजे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद कृष्ण जन्मस्थान के निकट किशोरी रमण कॉलेज के ऊपर आसमान में अचानक रोशनी से एक आकृति उभरी। देखते ही देखते यह आकृति भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में बदल गई। आसमान में कन्हैया का स्वरूप देखते ही श्रद्धालु रोमांचित हो उठे और पूरा वातावरण जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा।

यमुना पार करते वासुदेव का दृश्य बना आकर्षण

https://youtu.be/FNAiWUK7tXM?si=wW4oO-YPbED0-Lro

बॉटलब डायनामिक्स ड्रोन शो में सबसे पहले आकाश में मोर पंख की आकृति दिखाई दी। इसके बाद यशोदा की गोद में बाल कन्हैया, शेषनाग की छाया में भगवान श्रीकृष्ण को लेकर यमुना पार करते वासुदेव का दृश्य साकार हुआ। इन दृश्यों ने कृष्ण जन्म की कथा को मानो आसमान पर जीवंत कर दिया।

इसके बाद बाल कृष्ण की माखन चोरी की लीला दिखाई गई। कहीं माखन खाते कन्हैया नजर आए तो कहीं उन्हें खोजतीं मां यशोदा की आकृति आकाश में उभरी। गाय को दुलार करते बाल कृष्ण का दृश्य भी श्रद्धालुओं को खूब भाया।

बांसुरी की धुन और सुदर्शन चक्र का दिखा प्रभाव

ड्रोन शो में भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों और लीलाओं को एक के बाद एक प्रस्तुत किया गया। सुदर्शन चक्र धारण किए भगवान श्रीकृष्ण और बांसुरी बजाते मुरारी की आकृतियों ने भी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। करीब 12 से अधिक आकृतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और लीलाओं को आकाश में प्रदर्शित किया गया।

आसमान में बदलती आकृतियों और रोशनी के अद्भुत संयोजन को देखकर श्रद्धालु अभिभूत नजर आए। मोबाइल कैमरों में इन दृश्यों को कैद करने की होड़ भी लगी रही। ड्रोन शो के समापन पर आकाश में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के प्रति आभार की प्रस्तुति भी प्रदर्शित की गई।

कार्यक्रम के बाद 500 ड्रोन का संचालन करने वाली टीम को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने सम्मानित किया।