मुख्यमंत्री बोले- डबल इंजन सरकार ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप कराएगी विकास
पिछली सरकारें श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने से डरती थीं, उन्हें वोट बैंक की चिंता थी
बांके बिहारी मंदिर, बरसाना, नंदगांव और गोवर्धन में श्रद्धालुओं को हर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश
मथुरा, 4 सितंबर। अयोध्या और काशी के भव्य विकास के बाद अब ब्रजभूमि को भी जनभावनाओं और उसकी आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार ब्रज के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मथुरा-वृंदावन में अयोध्या और काशी की तर्ज पर ऐसा भव्य परिसर तैयार किया जाएगा, जो ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा।

शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता होती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कृष्ण कन्हैया, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी में आस्था रखती है। मुख्यमंत्री ने कहा, “जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे?”
समाज में जहर घोलने वालों के मंसूबे सफल नहीं होंगे
आज तक की पंचायत में श्री कृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद केस हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने सुनाई खरी खरी
ने कहा कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे तत्व समाज और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देकर सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने, बहन-बेटियों की सुरक्षा को प्रभावित करने और किसानों, कारीगरों व हस्तशिल्पियों की खुशहाली में बाधा डालने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ऐसे मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी।
कल्पना से परे था अयोध्या का विकास
योगी ने अयोध्या के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले तक वहां सड़क, बिजली, पानी और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। रेलवे की सिंगल लाइन थी और अव्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी। आज अयोध्या धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पर्व और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में फोरलेन सड़कों, रेलवे की डबल लाइन और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ भक्तिपथ और रामपथ जैसे मार्ग विकसित किए गए हैं। महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाया गया है।
500 वर्ष बाद भी अडिग रही सनातन आस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1528 में विदेशी आक्रांता ने अयोध्या में हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था, लेकिन सनातन आस्था कभी पराजित नहीं हुई। आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर है और देश-दुनिया से श्रद्धालु वहां पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने स्वयं को अपराजित समझा था, उनका आज कोई अस्तित्व नहीं है, लेकिन हमारी आस्था निरंतर मजबूत हुई है।
विंध्यवासिनी धाम की तर्ज पर ब्रज में विकास
योगी ने योगमाया और मां विंध्यवासिनी का उल्लेख करते हुए कहा कि योगमाया ने इसी धरा पर अवतरित होकर कंस के अहंकार को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि योगमाया के प्रति आस्था ने विंध्यवासिनी धाम को भव्य परिसर उपलब्ध कराया है। इसी प्रकार ब्रजभूमि के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां भी व्यापक विकास कार्य किए जाएंगे।
बांके बिहारी, बरसाना, नंदगांव और गोवर्धन में मिलेंगी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा-वृंदावन के साथ बरसाना, नंदगांव और गोवर्धन आने वाले श्रद्धालुओं को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। श्रद्धालु सहज भाव से ब्रज आएं, दर्शन करें और आशीर्वाद लेकर लौटें, इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्व और त्योहार केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देते हैं। इनके माध्यम से समाज का प्रत्येक वर्ग विकसित भारत की परिकल्पना में योगदान दे रहा है।
कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ें, परिणाम की चिंता कृष्ण पर छोड़ें
मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्तव्य करने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति देश, समाज और परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करे तो भारत को विकसित भारत और उत्तर प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश बनने में देर नहीं लगेगी।
उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के कारण ही लोग अपने पर्व और त्योहार स्वतंत्र वातावरण में मना पा रहे हैं। आज नौजवान अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त है, बेटियां और बहनें सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हैं तथा कारीगर और हस्तशिल्पी उद्यमी बनने का विश्वास महसूस कर रहे हैं।
जवाहर बाग जैसी घटना नहीं, अब ब्रज में उत्सव का माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत के सम्मान के लिए ही वह श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ब्रजभूमि आते हैं। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने से डरती थीं और वोट बैंक की चिंता करती थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर में यहां जवाहर बाग जैसी घटना हुई, जबकि अब ब्रजभूमि जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रजरज उत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे आयोजनों से नई ऊर्जा और उत्साह के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई और शुभकामनाएं दीं।







