तमिलनाडु में चर्च संचालक को चार मौत की सजा, चार नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण का मामला

तिरुनेलवेली। तमिलनाडु की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने चार नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण के मामले में चर्च संचालक एस. अब्राहम को चार अलग-अलग मामलों में मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर प्रत्येक मामले में अलग-अलग मृत्युदंड लगाया। साथ ही चारों पीड़िताओं को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है।

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अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष ने आरोपों को साबित करने के लिए पीड़ित बच्चियों और उनके परिजनों के बयान के अलावा मेडिकल एवं अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को चारों मामलों में दोषी माना।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने वर्ष 2020 से 2022 के बीच चार नाबालिग बच्चियों को निशाना बनाया। पीड़िताओं की उम्र करीब आठ से 12 वर्ष के बीच बताई गई है। आरोप था कि चर्च से जुड़े कार्यों और धार्मिक शिक्षा के बहाने बच्चियों को अपने संपर्क में लाकर उनका यौन शोषण किया गया।

मामले का खुलासा वर्ष 2022 में हुआ। एक बच्ची की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर तीन अन्य बच्चियों ने भी आरोपी के खिलाफ इसी तरह के आरोप लगाए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
अदालत में चली लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चारों मामलों को अलग-अलग आधार पर रखा। पीड़िताओं के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आरोपी ने नाबालिग बच्चियों के साथ गंभीर यौन अपराध किया है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने चारों मामलों में मृत्युदंड सुनाया।
अदालत ने अपने फैसले में पीड़िताओं के पुनर्वास और सहायता के लिए प्रत्येक को 10 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का भी निर्देश दिया। इस तरह चारों पीड़िताओं को कुल 40 लाख रुपये की मुआवजा राशि मिलेगी।
पॉक्सो अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ गंभीर यौन अपराध के मामलों में कड़ा निर्णय माना जा रहा है। अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा पर उच्च न्यायालय की न्यायिक प्रक्रिया भी लागू होगी।