डीएम की हिदायत, फैल न पाए महामारी की रोकथाम की तैयारी

मनोज चौधरी मथुरा 

सीएचसी नौहझील के निरीक्षण में सफाई, दवा और संचारी रोग नियंत्रण व्यवस्थाओं परखी; स्वास्थ्य अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश

डॉक्टर से जानकारी करते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह

मथुरा। बारिश के मौसम में बढ़ते संक्रामक रोगों के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को सीएचसी नौहझील के निरीक्षण के दौरान डीएम ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और साफ-सफाई, एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग सहित अन्य व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए।

दवाएं देखते जिलाधिकारी सीपी सिंह

जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जाए कि पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुखार से पीड़ित मरीजों की तत्काल जांच कर उपचार उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने चिकित्सकों की उपस्थिति जांची। एमओआईसी नौहझील सहित अन्य चिकित्सक अस्पताल में मौजूद मिले। उन्होंने मरीजों से मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली और अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की स्थिति भी देखी।

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डीएम ने दवा स्टॉक रजिस्टर की जांच करते हुए निर्देश दिए कि अस्पताल में उपलब्ध सभी दवाएं मरीजों को उपलब्ध कराई जाएं। मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार और सुविधाएं मिलनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और एमओआईसी नौहझील व खंड विकास अधिकारी को नियमित सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु को देखते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा।

संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर डीएम ने निर्देश दिए कि झाड़ियों की कटाई, एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग लगातार कराई जाए। उन्होंने दस्तक अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि घरों में रखे पानी के बर्तन, ड्रम आदि को ढककर रखा जाए तथा मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और अन्य सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में लगे अग्निशमन यंत्रों की जांच की और फायर सिलेंडरों की एक्सपायरी डेट भी देखी। उन्होंने नियमित रूप से सुरक्षा उपकरणों की जांच कराने के निर्देश दिए।

डीएम ने कहा कि मरीजों और तीमारदारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अस्पतालों में बैठने की व्यवस्था, पेयजल, आरओ जल, ठंडे पानी और गर्मी के मौसम में पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) नंद प्रकाश मौर्य, उप जिलाधिकारी मांट दीपिका मेहर सहित सीएचसी नौहझील के चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद रहे।