ब्रज में गंदगी आस्था के प्रति असभ्य आचरण : शैलजाकांत मिश्र

 

रामकुमार रौतेला वरिष्ठ पत्रकार

————————————————–‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ अभियान की फॉलोअप कार्यशाला में स्वच्छता पर मंथन

मथुरा। ब्रज को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ महाअभियान के तहत सोमवार को फॉलोअप कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें उद्यमियों, व्यापारियों, समाजसेवियों और स्वयंसेवकों ने स्वच्छ ब्रज के लिए सुझाव दिए। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि ब्रज भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की पावन भूमि है। यहां गंदगी फैलाना केवल अस्वच्छता नहीं, बल्कि आस्था के प्रति असभ्य आचरण है।

उन्होंने कहा कि मथुरा को देश के सामने स्वच्छता का आदर्श बनने का अवसर मिला है। वर्ष 2017 में शहर की स्वच्छता रैंकिंग 512वीं थी, जो लगातार प्रयासों से बेहतर होकर वर्तमान श्रेणीगत व्यवस्था में 11वें स्थान तक पहुंची है। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी भी अपेक्षित लक्ष्य हासिल करना बाकी है।

शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि जनपद में हर वर्ष लगभग 10 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में स्वच्छता को केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनआंदोलन बनाना होगा, ताकि बाहर से आने वाले लोग भी यहां गंदगी फैलाने से बचें।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन ने कहा कि स्वच्छ ब्रज अभियान की सफलता प्रत्येक नागरिक की भागीदारी पर निर्भर है। छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलाव ही बड़े सामाजिक परिवर्तन की नींव बनते हैं।

नगर आयुक्त जग प्रवेश ने बताया कि नगर निगम ने पिछले एक वर्ष में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सफाईकर्मियों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत वृद्धि की है। वर्ष 2023 में प्रतिदिन 180 से 190 टन कूड़ा उठाया जाता था, जो अब बढ़कर 500 टन से अधिक हो गया है। उन्होंने बताया कि 24 प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में दो पालियों तथा श्रीकृष्ण जन्मस्थान जैसे अत्यधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में तीन पालियों में नियमित सफाई कराई जा रही है।

श्री कृष्ण जन्मभूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने रिलीज किया गीत, 

 

उन्होंने कहा कि गंदगी फैलाना लोगों की आदत बन गई है, जिसे सामूहिक प्रयासों से बदलना होगा। भंडारों के आयोजन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मथुरा-वृंदावन के ड्रेनेज मास्टर प्लान पर भी कार्य चल रहा है।

कार्यशाला में उद्यमियों और व्यापारियों ने भी बेबाकी से अपनी बात रखी। नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष राजीव ब्रजवासी ने औद्योगिक क्षेत्रों में कूड़ा फैलाने और जलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की। राजेश बजाज ने जल निकासी, नालों पर अतिक्रमण और सफाई व्यवस्था में सुधार के साथ कपड़े के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।

पवन चतुर्वेदी ने जनसहभागिता और यमुना संरक्षण पर जोर दिया, जबकि राजेंद्र हाथी वालों ने नालों की नियमित सफाई और बाजारों में दिन में दो बार सफाई कराने की मांग उठाई। विनीत गोयल ने डेयरियों और सब्जी मंडियों से फैल रही गंदगी का मुद्दा उठाया। विपुल अग्रवाल ने कचरे के पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण पर बल दिया। सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक गोयल ने शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाने के सुझाव दिए तथा कपड़े के थैले भी भेंट किए।

विपिन सिंघल ने कुछ क्षेत्रों को मॉडल स्वच्छता क्षेत्र बनाने की आवश्यकता बताई, जबकि राजेश कुमार मित्तल ने पूरे ब्रज क्षेत्र को अभियान से जोड़ने का सुझाव दिया। नगर निगम के उपनेता मुकेश सारस्वत ने साधु-संतों और भागवत वक्ताओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को स्वच्छता का संदेश देने की बात कही।

कार्यक्रम में परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजीव पाण्डेय, पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।