श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में समझौते की राह बंद!

 

विशेष लोक अदालत का फैसला दर्ज, दो बार बुलाने के बाद भी नहीं पहुंचा मुस्लिम पक्ष; अब न्यायिक प्रक्रिया से होगा समाधान

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में समझौते के प्रयास को लेकर विशेष लोक अदालत ने गुरुवार को अपना फैसला दिया। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर आयोजित सुलहवार्ता में मुस्लिम पक्ष की अनुपस्थिति के बाद अदालत ने इस संबंध में आदेश लिखित रूप में दर्ज किया। मुस्लिम पक्ष को समझौते की संभावना तलाशने के लिए दो बार अवसर दिया गया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ।

हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

मामले की सुलहवार्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-11) सुरेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से दोनों पक्षों को आपसी सहमति से विवाद का समाधान तलाशने के लिए बुलाया गया था। हिंदू पक्ष निर्धारित समय पर उपस्थित हुआ और उसने अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा, जबकि मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ।

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श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद केस के हिंदू पक्षकार एवं अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने बताया कि विशेष लोक अदालत द्वारा मुस्लिम पक्ष को समझौते के लिए दो अवसर दिए गए थे, लेकिन दोनों ही बार मुस्लिम पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय ने गुरुवार को इस संबंध में अपना फैसला दर्ज कर दिया।

महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हिंदू पक्ष ने सुलहवार्ता के दौरान अपना प्रस्ताव रखा था कि यदि मुस्लिम पक्ष विवादित स्थल से अपना दावा छोड़कर ढांचा हटाने को तैयार होता है तो मस्जिद निर्माण के लिए अन्य स्थान पर भूमि उपलब्ध कराने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष का मत है कि विवादित स्थल भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य स्थल है और इस विषय पर समाधान संवाद के माध्यम से भी तलाशा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि न्यायालय ने हिंदू पक्ष की बात सुनी और प्रस्तुत दस्तावेजों को रिकॉर्ड में लिया। मुस्लिम पक्ष की अनुपस्थिति के कारण समझौते की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब मामले में आगे की कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगी।

गौरतलब है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण से संबंधित विशेष अनुमति याचिकाओं (एसएलपी) के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर मथुरा में विशेष लोक अदालत के तहत सुलहवार्ता आयोजित की गई थी। इसका उद्देश्य लंबित विवादों में आपसी सहमति से समाधान की संभावना तलाशना था।

महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि समझौते के लिए हिंदू पक्ष ने अपनी ओर से पूरा प्रयास किया, लेकिन मुस्लिम पक्ष की अनुपस्थिति के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका। अब मामले का समाधान न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ेगा।