महिला अपराधों पर सख्त हुआ महिला आयोग, जनसुनवाई में 16 शिकायतों पर दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

महिला अपराधों पर सख्त हुआ महिला आयोग, जनसुनवाई में 16 शिकायतों पर दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मथुरा, 10 जून। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बुधवार को राजीव भवन सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान लगभग 16 पीड़ित महिलाओं ने अपनी शिकायतें आयोग के समक्ष रखीं, जिनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और आपसी मतभेद से जुड़े थे।


बैठक में डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक पहुंचाया जाए तथा प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम के लिए ग्राम प्रधानों के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने, हेल्पलाइन नंबरों को प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने तथा प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस विभाग को महिला अपराधों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
अध्यक्ष ने सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों में आंतरिक परिवाद समिति (Internal Complaints Committee) का शत-प्रतिशत गठन सुनिश्चित करने तथा कार्यालयों एवं विद्यालयों में शिकायत पेटिकाएं अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक (क्राइम) श्वेता कुमारी यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. स्वाती जाडिया, श्रम प्रवर्तन अधिकारी हंसराज, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विशाल कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धि मिश्रा, उपायुक्त एनआरएलएम इन्द्रपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके बाद डॉ. चौहान ने राजकीय बाल गृह (बालिका), वृंदावन का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 112, 181 महिला हेल्पलाइन, 1090 वूमेन पावर लाइन तथा वन स्टॉप सेंटर जैसी सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इन सेवाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
अंत में आयोग अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों का संबंधित विभागों के समन्वय से शीघ्र और प्रभावी निस्तारण किया जाए।