श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को मिला और बल
बुलंदशहर से मथुरा आ रही मोटरसाइकिल यात्रा के समर्थन में उतरी भाकियू (भूमि पुत्र), संत समाज भी होगा शामिल
गांवों से लेकर आश्रमों तक संपर्क अभियान तेज, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति यात्रा को व्यापक समर्थन
31 मई 2026 मथुरा।
श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का मुद्दा अब केवल न्यायालय की चौखट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि देशभर में इसको भरी जनसमर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में छह जून को बुलंदशहर से मथुरा आने वाली श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति मोटरसाइकिल यात्रा को
भारतीय किसान यूनियन (भूमि पुत्र) का भी समर्थन मिल गया। संगठन ने यात्रा में सक्रिय भागीदारी की घोषणा करते हुए आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। रविवार को फरह विकास खंड की ग्राम पंचायत फतिहा के पंचायत भवन में आयोजित बैठक में भारतीय किसान यूनियन (भूमि पुत्र) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने यात्रा के समर्थन की घोषणा की। बैठक में श्री कृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण के हिंदू पक्षकार एवं श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने उपस्थित ग्रामीणों को यात्रा के उद्देश्य और आंदोलन की पृष्ठभूमि से अवगत कराया।
महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का विषय आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में बसे करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मूल गर्भगृह स्थल पर स्थित मंदिर को ध्वस्त कर वर्ष 1670 में मुगल शासक औरंगजेब द्वारा मस्जिद का निर्माण कराया गया था। इसी स्थल पर पुनः भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर निर्माण कराने की मांग को लेकर न्यायालय में कानूनी लड़ाई के साथ-साथ जनजागरण अभियान भी चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि छह जून को बुलंदशहर के गंगा तट स्थित श्री सिद्ध बाबा आश्रम वन खण्डेश्वर महादेव मंदिर से महंत स्वामी कांताचार्य जी महाराज के सानिध्य में मोटरसाइकिल यात्रा प्रारंभ होगी, जो मथुरा पहुंचेगी। यात्रा का उद्देश्य श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के पक्ष में जनसमर्थन जुटाना और समाज को इस विषय से जोड़ना है।
बैठक में भाकियू (भूमि पुत्र) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी यूनियन महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट की मांग और आंदोलन के साथ खड़ी है। 
पूर्व चिकित्साधिकारी डॉ. नवल सिंह ने कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और मूल गर्भगृह स्थल पर मंदिर निर्माण की मांग को पूरा किया जाना चाहिए। वहीं क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष ठाकुर सुजान सिंह ने कहा कि समाज का प्रत्येक क्षत्रिय इस संघर्ष में महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के साथ खड़ा है। इससे पहले गाजियाबाद में सूर्या चौहान हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा कर शोक व्यक्त किया गया। बैठक में फतिहा, महुअन तथा आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने वृंदावन पहुंचकर संत समाज से भी संपर्क किया। उन्होंने मोर कुटी में संतों से भेंट की तथा संत फूलडोल महाराज के आश्रम पहुंचकर उन्हें यात्रा का निमंत्रण दिया। संत फूलडोल महाराज ने यात्रा में शामिल होने की सहमति देते हुए इसके सफल होने का आशीर्वाद दिया। इस दौरान श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की रणनीति और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा हुई।
इसके बाद महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने सुदामा कुटी पहुंचकर संत अमरदास जी महाराज को यात्रा का निमंत्रण दिया। अमरदास जी महाराज ने यात्रा में शामिल होने का आश्वासन दिया। वहीं सुदामा कुटी के महंत संत श्री सुतीक्ष्ण दास जी महाराज से दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें भी आमंत्रित किया गया। हनुमान टेकरी के महंत संत दशरथ दास जी महाराज ने भी यात्रा में शामिल होने की सहमति प्रदान की है।
महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि छह जून को बुलंदशहर से मथुरा पहुंचने वाली यह मोटरसाइकिल यात्रा श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी। उनका कहना है कि समाज के विभिन्न वर्गों, किसान संगठनों और संत समाज का बढ़ता समर्थन इस आंदोलन को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।








