पंचायत सचिवों पर धन निकासी का दबाव 

दिलीप यादव, वरिष्ठ पत्रकार मथुरा। 

-जनपद के ग्राम विकास एवं पंचायत राज अधिकारी संघर्ष समिति ने राजीव भवन में की बैठक

-पंचायतों का आडिट कराने सहित कयी मुद्दों पर हुआ मंथन

मथुरा। जनपद की पंचायतों का कार्यालय खत्म होने की ओर है और प्रधानों द्वारा धन की निकासी के दबाव जैसे मुद्दों के विरोध में पंचायत सचिवों ने राजीव भवन सभागार में मंगलवार को बैठक की‌। सभी ब्लाकों से पहुंचे करीब 80 सचिवों ने इसमें भाग लिया। अड़ींग पंचायत के 12 सदस्यों के इस्तीफे के बाद भी अधिकारियों के निर्णय न लेने का मुद्दा भी उठा। सचिवों के स्थानान्तरण के दबाव एवं अनर्गल आरोपों पर भी आक्रोश जताया गया। पंचायतों का आडिट ठीक न होने की शिकायत भी सामने आई।

इस बैठक में जनपद के सभी ब्लाकों के सचिव पहुंचे। जिन सचिवों पर प्रधानों द्वारा गलत तरीके भुगतान निकालने का दबाव बनाया जा रहा है उन्होंने यूनियन के पदाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। कयी सचिवों ने उनका स्थानांतरण के लिए प्रधानों द्वारा राजनैतिक दबाव डलवाने का भी जिक्र किया। सचिवों ने कयी पंचायतों का आडिट ठीक से न होने की भी आपत्ति से सभी को अवगत कराया।

अधिकतर प्रधानों द्वारा गलत भुगतान के लिए दवाब बनाये जाने, अड़ींग से संबंधित गलत शिकायत करके सचिव को हटवाने एवं फरह में प्रधान पर हुई FIR पर गिरफ्तारी न होने पर आक्रोश जताया।

 

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सचिवों के रुके वेतन बहाल होने, चुनाव निकट समय पर होने से कुछ प्रधानों द्वारा गलत शिकायत की जा रही हैं जिससे सभी सचिव पर दवाब बनाकर गलत भुगतान करवाया जा सके लेकिन सचिव इसे सहन नहीं करेंगे।

ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष सियाराम गौतम, महामंत्री

रामकुमार चौधरी, हरेंद्र चौधरी महामंत्री ( ग्राम विकास), नानक राम महामंत्री (पंचायतीराज),सौरभ गौतम (कोषाध्यक्ष), यतिन शर्मा (ऑडिटर – ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश), विशन सिंह, विकास उपाध्याय, चौहल सिंह, रंजीत, केशव देव, तरुण वर्मा, ब्रजेश पाराशर, भुवनेश, पवन वर्मा,

दीवान सिंह, रुचि, संध्या, रविन्द्र वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।