आर के वर्मा, कल्याणं करोति।
गोवर्धन, 16 अप्रैल।
किसी का जन्मदिन अगर दूसरों के जीवन में उजाला भर दे, तो वह सिर्फ उत्सव नहीं, सेवा का उदाहरण बन जाता है। ऐसा ही एक प्रेरणादायी कार्य ललित कुमार अरोड़ा के जन्मदिवस पर देखने को मिला, जब 101 जरूरतमंद नेत्र रोगियों को निःशुल्क ऑपरेशन के जरिए नई दृष्टि मिली।
श्री कृष्ण जन्मभूमि केस पर निरंजनी अखाड़े के आचार्य संत कैलाशानंद गिरी जी महाराज से चर्चा करते हुए श्री कृष्ण जन्मभूमि केस के हिन्दू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट। जाने क्या है असलियत।
वृंदावन स्थित गिर्राज फाइल्स प्रा. लि. के सहयोग से कल्याणं करोति नेत्र संस्थान, मथुरा द्वारा आयोजित निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का समापन गुरुवार को हुआ। इस शिविर में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की न केवल जांच की गई, बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनके सफल ऑपरेशन भी किए गए।
ऑपरेशन के बाद मरीजों के चेहरों पर आई खुशी साफ झलक रही थी। कई मरीजों ने बताया कि धुंधली होती दुनिया अब फिर से साफ नजर आने लगी है। परिजनों ने इसे “नई जिंदगी की शुरुआत” बताया और संस्था के प्रति आभार जताया।
समापन समारोह में संस्थान के निदेशक (ऑपरेशन) शैलेन्द्र चतुर्वेदी ने कहा कि इस तरह के प्रयास समाज के उन वर्गों के लिए संजीवनी हैं, जो आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान का उद्देश्य हर जरूरतमंद तक गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा पहुंचाना है।
यह शिविर न केवल एक सेवा कार्य रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। 101 लोगों की आंखों में लौटी रोशनी इस पहल को लंबे समय तक यादगार बनाएगी।








