सूरज पटेल मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद
मथुरा: भगवान श्रीकृष्ण की लीलाभूमि ब्रज में स्थित कृष्ण भक्त रसखान और ताज बीबी का समाधि स्थल आज शुद्ध भक्ति, प्रेम और समर्पण का जीवंत तीर्थ बनकर उभरा है। यमुना तट पर रमणरेती क्षेत्र में स्थित यह पावन स्थल केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि उस दिव्य भक्ति परंपरा का प्रतीक है जहाँ मजहब की सीमाएँ टूटकर केवल श्रीकृष्ण प्रेम शेष रह जाता है। इसी अलौकिक भाव के कारण देश ही नहीं, विदेशों से भी श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ खिंचे चले आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा विकसित यह स्थल गोकुल–महावन के मध्य स्थित है, जहाँ रसखान और ताज बीबी की समाधियाँ भक्तों को कृष्ण-रस में डुबो देती हैं। विशेष रूप से रूस और अमेरिका से आने वाले श्रद्धालु यहाँ ब्रज की भक्ति परंपरा को नजदीक से अनुभव कर रहे हैं। बढ़ती संख्या को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु नई पार्किंग और अन्य व्यवस्थाएँ भी की गई हैं।
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कभी उपेक्षित रहे इस तीर्थ का परिषद द्वारा जीर्णोद्धार कर इसे दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया गया है। परिसर में बने ओपन-एयर थिएटर में भजन, संकीर्तन और लोक कला के कार्यक्रम निरंतर होते हैं, जहाँ हर स्वर में श्रीकृष्ण नाम की गूंज सुनाई देती है। दिन में यमुना तट का शांत सौंदर्य मन को स्थिर करता है, तो सायंकालीन फसाड लाइटिंग में समाधि स्थल मानो साक्षात भक्ति लोक में परिवर्तित हो जाता है।
रसखान भक्ति की कथा, चलचित्र के माध्यम से
रसखान समाधि स्थल पर स्मारक मित्र के रूप में जी.एल.ए. विश्वविद्यालय, मथुरा द्वारा संरक्षण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। लघु चलचित्र केंद्र में रसखान और ताज बीबी के जीवन, उनकी अनन्य कृष्ण भक्ति और ब्रज साहित्य में योगदान पर आधारित फिल्म का नियमित प्रदर्शन होता है, जो भक्तों को रसखान की भक्ति यात्रा से जोड़ देता है। रात्रि में विशेष प्रकाश व्यवस्था समाधि स्थल की दिव्यता को और गहराई प्रदान करती है।
जहाँ भक्ति बनी मानवता का संदेश
मूलतः मुस्लिम परिवार में जन्मे रसखान और ताज बीबी का जीवन इस सत्य का प्रमाण है कि श्रीकृष्ण भक्ति किसी एक पंथ की नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता की धरोहर है। यह स्थल ब्रज की उसी समरस परंपरा को जीवित रखे हुए है, जहाँ प्रेम ही पूजा है और भक्ति ही मार्ग।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल के अनुसार, यह समाधि स्थल ब्रज की उस अमूल्य विरासत का प्रतीक है जहाँ भक्ति ने हर सीमा को लांघकर प्रेम का संदेश दिया। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से परिषद इस पावन स्थल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विदेशी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि रसखान और ताज बीबी की भक्ति आज भी संसार को श्रीकृष्ण प्रेम का मार्ग दिखा रही है।








